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Delhi: यमुना बाढ़ क्षेत्र के सीमांकन पर रोक,DDA और IFC विभाग के बीच एक हफ्ते में संयुक्त बैठक कराने के निर्देश

Tue, 21 Jul 2026 05:12 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

एनजीटी ने आईएफसी विभाग को निर्देश दिया कि वह शपथपत्र दाखिल कर बताए कि चल रही प्रक्रिया के दौरान संशोधित नक्शा भेजने की आवश्यकता क्यों पड़ी। साथ ही डीडीए को भी 18 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई से कम से कम एक हफ्ते पहले नई प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया गया।
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एनजीटी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली में यमुना बाढ़ क्षेत्र (फ्लडप्लेन) के सीमांकन में हो रही देरी पर सख्त नाराजगी जताई है। अधिकरण ने दिल्ली सरकार के प्रधान सचिव (पर्यावरण) को निर्देश दिया कि वे दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण (आईएफसी) विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक एक सप्ताह के भीतर बुलाकर विवाद का समाधान करें।

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इससे पहले एनजीटी ने डीडीए से प्रगति रिपोर्ट मांगी थी। मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को तय है। सोमवार को सार्वजनिक किए गए 16 जुलाई के आदेश में न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने कहा कि डीडीए के अनुसार आईएफसी विभाग ने छह जून को भौतिक सीमांकन के लिए संशोधित नक्शा भेजा था। 

डीडीए ने बताया कि संशोधित नक्शा मिलने से पहले प्रस्तावित 277 में से 206 बोलार्ड (छोटे, मजबूत और सीधे खंभे) लगाए जा चुके थे, लेकिन नया नक्शा मिलने के बाद सीमांकन का काम रोक दिया गया, क्योंकि यदि संशोधित नक्शे के अनुसार कार्य किया जाता है तो पहले से लगाए गए बोलार्डों को हटाकर दोबारा लगाना पड़ सकता है। 
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एनजीटी ने साफ किया कि यमुना के बाढ़ क्षेत्र का सीमांकन गंगा नदी (पुनरुद्धार, संरक्षण और प्रबंधन) प्राधिकरण आदेश, 2016 के तहत ही किया जाना है। अधिकरण ने कहा कि एक मीटर कंटूर और 100 वर्ष में आने वाली बाढ़ के स्तर (1:100 साल के बाढ़ स्तर) जैसे मानक पहले ही तय किए जा चुके हैं। ऐसे में काम शुरू होने के बाद आईएफसी विभाग ने बीच में संशोधित नक्शा क्यों भेजा, इसका स्पष्टीकरण जरूरी है। 

एनजीटी ने आईएफसी विभाग को निर्देश दिया कि वह शपथपत्र दाखिल कर बताए कि चल रही प्रक्रिया के दौरान संशोधित नक्शा भेजने की आवश्यकता क्यों पड़ी। साथ ही डीडीए को भी 18 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई से कम से कम एक हफ्ते पहले नई प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया गया।

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