दिल्ली में लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों को लेकर सरकार ने नियमों का सख्ती से पालन करने पर जोर देना शुरू कर दिया है। वहीं राजधानी के अलग-अलग व्यापारी संगठनों ने सरकार से अपील की है कि कोविड प्रतिबंध लगाने से पहले उनसे परामर्श ली जाए।
बुधवार को राजधानी के विभिन्न व्यापारी संगठन और आरडब्ल्यूए ने सार्वजनिक स्थानों पर मास्क अनिवार्य करने के फैसले का स्वागत किया लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिबंध लगाने से काफी नुकसान अब तक झेलते आए हैं। उनके मौजूदा हालात ऐसे नहीं है कि फिर से प्रतिबंध का सामना कर सकें।
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने कहा कि वह कभी नहीं चाहते थे कि ग्राहक बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के कनॉट प्लेस की दुकानों पर जाएं। सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने कहा कि कनॉट प्लेस में मास्क को सख्ती से लागू कराने में सभी व्यापारी भी सहयोग देंगे।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सरकार दो गज की दूरी और मास्क को लेकर सख्ती कर सकती है लेकिन सम-विषम योजना के लिए व्यापारी तैयार नहीं हैं। लाजपत नगर संगठन के अध्यक्ष संजीव मदान ने कहा कि सरकार को मास्क पहनने के आदेश को नहीं हटाना चाहिए था। उन्होंने सुझाव दिया कि उल्लंघन करने वालों के लिए जुर्माने की राशि को भी 500 से बढ़ाकर एक हजार रुपये किया जाना चाहिए।
लाजपत नगर और कनॉट प्लेस के अलावा करोल बाग, साउथ एक्सटेंशन और चांदनी चौक और सदर बाजार के थोक व्यापारी संगठनों का भी कहना है कि यदि आगे भी मामले जारी रहते हैं तो उन्हें और प्रतिबंध लगाने से पहले परामर्श के लिए बुलाया जाना चाहिए।