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किशोरी को बनाने चले थे बालिका वधू, दिल्ली महिला आयोग ने रूकवाई शादी

Thu, 28 May 2020 10:25 PM IST
Jeet Kumar अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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दिल्ली महिला आयोग ने नबी करीम इलाके में एक बाल विवाह को रुकवा दिया। परिवार वाले किशोरी को बालिका वधू बनाने जा रहे थे। लेकिन लड़की की चाची की शिकायत पर महिला आयोग ने शादी रुकवा दी। इस मामले में संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।

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जानकारी के अनुसार आयोग के हेल्पलाइन नंबर 181 पर एक 16 साल की किशोरी की शादी एक 16 साल के लड़के से होने की शिकायत मिली थी।  लड़की की चाची ने हेल्पलाइन नंबर पर बाल विवाह कराए जाने की सूचना दी थी। लड़की के माता-पिता नही है। लड़की के चाचा और दादी यह विवाह करवा रहे थे।

शिकायत के बाद पुलिस के साथ आयोग की टीम लड़की के घर पहुंची तो देखा कि वहां घुली हुई हल्दी और मेहंदी रखी थी। लड़की की दादी से पूछने पर उन्होंने शादी कराने की बात से इनकार करते हुए कहा कि सगाई करवाई जा रही है।

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लड़की देती थी आत्महत्या की धमकी

दादी ने बताया की उनकी पोती 6 माह पहले इस लड़के के साथ भाग गई थी। लड़की आत्महत्या की धमकी देती थी इसलिए दोनों की सगाई करवाने का फैसला किया गया। दोनों नाबालिग शादी की जिद पर अड़े थे। दोनों को परिवारवालों के साथ पुलिस स्टेशन ले जाया गया। बयान हो जाने के बाद रिपोर्ट दर्ज की गई।  साथ ही चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और एसडीएम को मामले की सूचना दी गई। लड़की के परिवार वालों को भी को बताया और समझाया गया कि बाल विवाह गैरकानूनी अपराध है।

आयोग के अनुसार लड़का- लड़की ने आश्वासन दिया कि वे बालिग होने तक विवाह नहीं करेंगे।  दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने कहा कि बच्चों की सही तरीके से काउंसलिंग जरूरी है।
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