दादी ने बताया की उनकी पोती 6 माह पहले इस लड़के के साथ भाग गई थी। लड़की आत्महत्या की धमकी देती थी इसलिए दोनों की सगाई करवाने का फैसला किया गया। दोनों नाबालिग शादी की जिद पर अड़े थे। दोनों को परिवारवालों के साथ पुलिस स्टेशन ले जाया गया। बयान हो जाने के बाद रिपोर्ट दर्ज की गई। साथ ही चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और एसडीएम को मामले की सूचना दी गई। लड़की के परिवार वालों को भी को बताया और समझाया गया कि बाल विवाह गैरकानूनी अपराध है।
आयोग के अनुसार लड़का- लड़की ने आश्वासन दिया कि वे बालिग होने तक विवाह नहीं करेंगे। दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने कहा कि बच्चों की सही तरीके से काउंसलिंग जरूरी है।