दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने महिला सुरक्षा पदयात्रा के सातवें दिन बेलन यात्रा निकाली। वे महिलाओं के साथ पश्चिमी दिल्ली में पीरागढ़ी, पश्चिम विहार, ख्याला, तिलक नगर, जनकपुरी व डाबडी पहुंचीं। यात्रा के दौरान महिलाओं ने पति करेगा अत्याचार, उसको मारो बेलन चार, जैसे नारे लगाए।
पश्चिमी इलाकों में स्वाति मालीवाल ने घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं से मुलाकात की। महिलाओं ने उन्हें बताया कि थानों में शिकायत देने के बावजूद पुलिस मदद नहीं करती।घरेलू हिंसा व दहेज प्रताड़ना के लंबित मामले के संबंध में सभी पुलिस उपायुक्त को नोटिस भेजा। घरेलू हिंसा को लेकर आंकड़े भी जारी किए गए।
इसमें बताया गया कि राजधानी में बीते पांच सालों में घरेलू हिंसा के 15, 698 मामले थाने में दर्ज हैं। इनमें से 5573 मामलों में ही अब तक चार्जशीट दाखिल की गई है। 64.5 फीसदी से ज्यादा मामलों में अभी जांच पुलिस के पास लंबित है। इसमें से सैकड़ों पांच साल से ज्यादा समय से लंबित हैं। उन्होंने कहा कि इससे साफ पता चलता है कि पुलिस घरेलू हिंसा के मामलों पर ध्यान नहीं देती।
पुलिस उपायुक्त को नोटिस भेजा
घरेलू हिंसा व दहेज प्रताड़ना के लंबित मामलों के संबंध में उन्होंने सभी पुलिस उपायुक्तों को नोटिस भेजा है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस लोगों को महसूस कराती है कि धारा 498ए व 406 में दर्ज ज्यादातर मामले झूठे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ऐसा है तो आईपीसी की धारा 182 के तहत मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया।
उन्होंने नोटिस में 2012 से अब तक घरेलू मामलों की जानकारी आयोग को देने को कहा है। लंबित मामलों की चार्जशीट दाखिल क्यों नहीं हुई, कब दाखिला होगी। आयोग ने पुलिस से कहा है कि वह एक विस्तृत प्रस्ताव दें, जिससे कि घरेलू हिंसा के मामलों में त्वरित कार्रवाई हो और इन शिकायतों पर संवेदनशील तरीके से काम किया जाए।