राजधानी में मंगलवार का दिन पिछले एक दशक में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म दर्ज किया गया। तापमान अधिक होने की वजह से दिन भर गर्म हवाओं के थपेड़ों से लोगों का बुरा हाल रहा। अगले दो दिनों में भी तापमान 40 के पार रहेगा और गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। इसके बाद मौसम करवट लेने के साथ हल्की राहत मिल सकती है।
प्रादेशिक मौसम विभाग के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव के अनुसार, दिल्ली में इन दिनों लू नहीं चल रही है, लेकिन स्थिति कमोबेश वैसी ही कही जा सकती है। उन्होंने बताया कि अधिकतम तापमान में सामान्य से साढ़े चार डिग्री सेल्सियस से अधिक बढ़ोतरी होने या फिर तापमान का 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक होने पर लू की घोषणा की जाती है। अभी तापमान में फिलहाल ऐसी स्थित नहीं दर्ज हो रही है। हालांकि, तापमान अधिक होने के कारण गर्म हवाएं चल रही हैं।
श्रीवास्तव के मुताबिक अगले दो दिनों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहेगा और गर्म हवाएं भी चलती रहेंगी। इसके बाद आगामी 16 अप्रैल को मौसम के करवट लेने की संभावना है और हल्की बारिश हो सकती है। इससे अधिकतम तापमान में कमी आएगी और गर्मी से हल्की राहत मिलने की संभावना है।
प्रादेशिक मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से चार अधिक 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य से एक कम 19.4 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान अधिक होने की वजह से दिन भर लोगों का बुरा हाल रहा और लोग छांव का सहारा लेते दिखे। सूरज ढलने के बाद भी तपिश की वजह से लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिली।
पिछले 24 घंटों में हवा में नमी का अधिकतम स्तर 59 फीसदी और न्यूनतम 20 फ़ीसदी दर्ज किया गया। वहीं, दिल्ली के विभिन्न इलाकों की बात करें तो अमूमन सभी केंद्रों पर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। इसमें सबसे अधिक तापमान स्पोर्ट्स कंपलेक्स इलाके का 42.1 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा मुंगेशपुर में 40.6, जफरपुर में 40.2, गुरुग्राम में 40.4, आया नगर में 40.4 व पालम में 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
गौरतलब है कि यह दूसरी बार है जब अधिकतम तापमान ने 40 डिग्री सेल्सियस की छलांग लगाई है। इससे पहले 13 अप्रैल को वर्ष 2017 में 39 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा था। वहीं, इससे पहले गत होली के अवसर पर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। दोपहर में लोगों के पसीने छूट गए थे अब एक बार फिर तापमान चढ़ने के कगार पर है। इससे आने वाले दिनों में मई और जून से पहले ही अधिक गर्मी का एहसास होने लगेगा।