नई दिल्ली। नौ महीने से सैलरी न मिलने पर दिल्ली वक्फ बोर्ड के कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत उपमुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री व बोर्ड के सीईओ को पत्र लिखा है। इनकी मांग है कि भुखमरी के कगार पर पहुंच गए कर्मचारियों की जल्द सैलरी दिलवाई जाए। साथ ही चेतावनी भी दी है कि वेतन न मिलने की सूरत में उनके पास प्रदर्शन करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं होगा।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में बोर्ड के कर्मचारियों ने कहा है कि बीते फरवरी से वक्फ बोर्ड का चेयरमैन न होने की वजह से उनका वेतन नहीं मिल रहा है। इस बारे में पहले भी संबंधित आला अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। हालांकि, सभी ने मौखिक तौर पर राहत दिलाने का भरोसा दिया था, लेकिन अभी तक हालात जस के तस हैं। इससे करीब 150 कर्मचारियों के परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।
इस बारे में बोर्ड के सदस्य हिमाल अख्तर से बताया कि बोर्ड चेयरमैन की गैर मौजूदगी में सीईओ बैठक बुलाकर वेतन दे सकता है। इसी बीच सीईओ का भी तबादला हो गया था। इस बारे में नए सीईओ को जानकारी दे दी गई है। अगर बैठक नहीं बुलाई जाती तो बोर्ड खुद अपने स्तर पर इस मामले को देखेगा।
दिल्ली सरकार दिल्ली वक्फ बोर्ड का विशेष ऑडिट करवा रही है। इसका आदेश बुधवार को जारी किया गया है। राजस्व विभाग की तरफ से होने वाली ऑडिट के लिए चार सदस्यीय गठित टीम वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अमानतुल्ला खान के कार्यकाल मार्च 2016 से मार्च 2020 तक के कामकाज का ऑडिट कर रिपोर्ट दिल्ली सरकार को सौंपेगी।
इसका स्वागत करते हुए अमानतुल्ला ने ट्वीट किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार सिर्फ ईमानदारी की बुनियाद पर बनी थी। अगर ऑडिट रिपोर्ट में ये साबित होता है कि मैंने अपने कार्यकाल में बेईमानी की तो मुझे वक्फ बोर्ड में रहने का कोई हक नहीं।