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दिल्ली हिंसा: जांच के लिए बनी SIT के दोनों DCP सवालों के घेरे में, लगे हैं ये गंभीर आरोप

Sat, 29 Feb 2020 12:31 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • चुनाव आयोग ने डीसीपी राजेश देव पर लिया था एक्शन,
  • देव ने शाहीन बाग में गोली चलाने वाले शख्स को बताया था आप से जुड़ा
  • जेएनयू में हुई हिंसा की जांच कर रहे थे क्राइम ब्रांच के डीसीपी जॉय तिर्की
  • दी थी जेएनयू हिंसा में एबीवीपी को 'क्लीनचिट' 
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Delhi Violence- DCP Joy Trikey and DCP Rajesh Deo - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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दिल्ली हिंसा की जांच के गठित क्राइम ब्रांच की स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) को जो डीसीपी हेड कर रहे हैं, वे खुद सवालों के घेरे में आ गए हैं। पिछले दिनों राष्ट्रीय राजधानी में हुई घटनाओं में दोनों ही डीसीपी जॉय तिर्की और राजेश देव पर गंभीर आरोप लगे थे।

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शाहीन बाग में सीएए को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान गोली चलाने वाले युवक कपिल बैंसला को डीसीपी (क्राइम) राजेश देव ने आम आदमी पार्टी का सदस्य बताया था। चूंकि उस वक्त दिल्ली चुनाव सिर पर था, इसलिए 'आप' क्राइम ब्रांच के इस खुलासे से आगबबूला हो गई थी। 'आप' की शिकायत पर चुनाव आयोग ने डीसीपी राजेश देव को कोई भी संवदेनशील पोस्टिंग न दिए जाने का आदेश जारी कर दिया।

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दूसरे डीसीपी जॉय ट्रिकी ने जेएनयू हिंसा में आरोपियों के फोटो रिलीज कर कहा कि ये वाम दलों से संबंधित हैं। उनमें एबीवीपी से जुड़ा कोई नाम नहीं था। हालांकि उन्होंने एबीवीपी को क्लीन चिट नहीं दी थी, लेकिन जॉय तिर्की की जांच पर विपक्ष और सिविल सोसायटी के सदस्यों ने जमकर सवाल उठाए।

अब दिल्ली हिंसा की जांच की जिम्मेदारी भी इन्हीं दोनों अफसरों को मिली है। वकील प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और आप सांसद संजय सिंह के अलावा कई दूसरे लोग भी एसआईटी के गठन पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

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प्रशांत भूषण ने अपने ट्वीट में लिखा कि जो पुलिस अफसर दिल्ली हिंसा की जांच करेंगे, वे ही जामिया और जेएनयू मामले की जांच कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने डीसीपी राजेश देव को सख्त टिप्पणी के साथ दिल्ली विधानसभा चुनाव से दूर कर दिया था। अब उसी डीसीपी को दिल्ली हिंसा की जांच के गठित एसआईटी का हेड बनाया गया है।

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