दिल्ली विधानसभा में दिवंगत पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा को भारत रत्न देने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। सत्ता पक्ष के प्रस्ताव को विपक्ष ने भी समर्थन किया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पर्यावरण के क्षेत्र में भारत रत्न दिए जाने के प्रस्ताव में संशोधन का प्रस्ताव रखा। इसके तहत पर्यावरण ही नहीं, हर क्षेत्र में उल्लेखनीय काम के लिए भारत रत्न देने की बात मुख्यमंत्री ने कही गई। संशोधन स्वीकार करने के साथ सदन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।
सत्ता पक्ष की विधायक भावना गौड़ ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि सदन अनुशंसा करता है कि सुंदर लाल बहुगुणा को पर्यावरण के क्षेत्र में उनके असाधारण एंव महत्वपूर्ण योगदान के लिए भारत रत्न प्रदान किया जाए। गौड़ ने सदन को बताया कि इस संसार में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो बेशक पार्थिव रूप में हमारे बीच न हों, लेकिन समाजिक संघर्षो की अमिट छाप हमेशा बनी रहती है। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान आप विधायक प्रवीण ने कहा कि उत्तराखंड को अगर सपनों का भारत कोई बना सकता है तो वह दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ही बना सकती है।
दूसरी तरफ प्रस्ताव पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि सदन इस पर एकमत है, इसमें दो राय नहीं हो सकती। सुझाव के तौर पर उन्होंने सदन से कहा कि बहुगुणा ने शराब केंद्र नहीं खोले, इसके लिए आंदोलन किया। सदन यह सर्वसम्मति से पारित करे कि दिल्ली को शराब की नगरी नहीं बनने देंगे। शराब की नई दुकानें न खुलें। मुख्यमंत्री यह प्रस्ताव पारित करें कि दिल्ली में शराब की दुकानें न खुलें। कोरोना योद्धाओं जो शहीद हो गए उनके परिवार वालों को एक-एक करोड़ रुपये दें।
पूरी दुनिया को सुंदर लाल बहुगुणा ने एक विजन दिया है: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भारत रत्न दिए जाने के प्रस्ताव पर चर्चा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि यह एक ऐसा प्रस्ताव है जिस पर बोलते हुए गर्व महसूस हो रहा है। एक ऐसे महान सख्सियत की बात कर रहे हैं जो दूरदृष्टि रखते थे। पूरी दुनिया को उन्होंने विजन दिया कि पर्यावरण को बचाकर नहीं रखा तो यह सृष्टि नहीं बचेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मात्र तेरह साल की उम्र में सुंदरलाल बहुगुणा ने सामाजिक काम करना शुरू कर दिया था। बचपन से ही उन्होंने छुआछूत के खिलाफ आंदोलन किया। छात्रों के लिए छात्रावास बनाने का आंदोलन किया। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की तरह ही बहुगुणा आजीवन संघर्ष करते रहे। नशाबंदी के खिलाफ भी आंदोलन किया। महिलाओं को भी इस आंदोलन के लिए एकत्रित किया। नशे के खिलाफ प्रचार-प्रसार किया। आजादी की लड़ाई में बढ़चढ़ कर भूमिका निभाई। यह भी सदन को बताया कि जब बहुगुणा जी ने शादी की तो यह शर्त अपनी होने वाली पत्नी के सामने रखी कि आजीवन उन्हें गांव व आश्रम में रहना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न देने की मांग न केवल दिल्ली की है बल्कि यह मांग पूरे देश की है। भारत रत्न भी सम्मानित होगा अगर उन्हें भारत रत्न दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि इस सिलसिले में प्रधानमंत्री को पत्र लिखा गया है। खुशी है कि पूरा सदन इस प्रस्ताव को पास कर रहा है। उम्मीद है कि केंद्र सरकार जरूर उन्हें मरणोपरांत इससे सम्मानित करेगी।
मीराबाई चानू को सदन ने दी बधाई
दिल्ली विधानसभा ने टोक्यो ओलंपिक की भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीतने के लिए मीराबाई चानू को बधाई दी गई। विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने सदन शुरू होने के साथ कहा कि टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतने के लिए भारोत्तोलक मीराबाई चानू को हार्दिक बधाई सदन देता है। उम्मीद करते हैं कि देश के अन्य खिलाड़ी और एथलीट भी ओलंपिक में पदक जीतेंगे व देश का नाम रोशन करेंगे।