दिल्ली में कम हो रहे कोरोना के मामले को देखते हुए दिल्ली सरकार ने लॉकडाउन में आज से थोड़ी सी ढील दी है। सोमवार से दिल्ली अनलॉक की राह पर चलने लगी है। फिलहाल सब कुछ तो नहीं खुलेगा, लेकिन अनलॉक-1 के तहत फैक्टरी खोलने, कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने की गतिविधियां शुरू हो गईं हैं।
सोमवार को दिल्ली की सड़कों पर गाड़ियों की खूब भीड़ देखने को मिली। सोमवार को दिल्ली के कई इलाकों में ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। दिल्ली के आईटीओ इलाके में गाड़ियों का लंबा जाम लगा रहा। लॉकडाउन में जहां सड़कें वीरान थीं, वहां आज गाड़ियां ही गाड़ियां दिख रही हैं। लंबा जाम लगने से राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वहीं, पहले चरण में निर्माण और औद्योगिक क्षेत्रों को अनलॉक करने से मजदूरों के चेहरे खिल गए हैं। लंबे समय से काम की तलाश कर रहे मजदूरों में उम्मीद जगी है। सोमवार को पटपड़गंज ऑद्योगिक क्षेत्र में मजदूर काम करते देखे गए।
बता दें कि दिल्ली में 40 दिन बाद निर्माण कार्यों करने की छूट मिलने पर सोमवार को करीब-करीब तमाम लेबर चौक का नजारा कुछ अलग ही दिखाई दिया। सभी लेबर चौक पर मजबूरों की मौजूदगी दिखाई दी और लोग भी निर्माण कार्य कराने के लिए मजदूर लेने के लिए पहुंचे, लेकिन चौकों पर लॉकडाउन से पहले वाला नजारा नहीं दिखा। लॉकडाउन से पहले की तुलना में सोमवार को मजदूरों की संख्या काफी रही। इसी तरह मजदूर लेने के लिए लोग भी कम आए।
उत्तम नगर, पीरा गढ़ी, नांगलाई, किराड़ी, मंगोलपुरी, नजफगढ़, बवाना, नरेला, पंखा रोड, डाबड़ी, सागरपुर समेत राजधानी के तमाम प्रमुख स्थानों पर लेबर चौकों पर सोमवार की सुबह सात बजे ही मजदूरों ने आना शुरू कर दिया था और आठ बजे तक चौकों पर काफी संख्या में मजदूर पहुंच गए थे। इस बीच निर्माण कार्य कराने के लिए लोग भी मजदूर करने के लिए आने लग गए। चौकों पर मजदूर और निर्माण कार्य कराने के लिए मजदूरों को लेने के लिए लोग काफी कम आए। इस कारण आधे से अधिक मजदूरों को 40 दिन बाद भी काम नहीं मिल सका।