नई दिल्ली। दिल्ली सरकार से सौ फीसदी वित्त पोषित 12 कॉलेजों में वेतन नहीं मिलने से नाराज डीयू के शिक्षकों ने बृृहस्पतिवार को हड़ताल की। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) के आह्वान पर डीयू बंद की घोषणा पर शिक्षकों ने ऑनलाइन कक्षाएं नहीं लीं। कक्षाओं के अलावा जिन अन्य कार्यों से शिक्षक जुड़े हैं, वह भी नहीं हुए। डूटा ने डीयू बंद (हड़ताल) को पूरी तरह से सफल बताया है। शिक्षकों का कहना है कि जब तक वेतन की राशि नहीं मिलती तब तक कक्षाएं नहीं ली जाएंगी।
विश्वविद्यालय बंद का आह्वान डूटा ने सोमवार को किया था। 12 कॉलेजों के शिक्षक लगातार वेतन ना मिलने व अन्य बकाये का भुगतान ना होने का आरोप लगा रहे हैं। डूटा अध्यक्ष राजीव रे ने कहा कि जब तक शिक्षकों को वेतन नहीं मिलता और बकाए का भुगतान नहीं होता तब तक ऑनलाइन कक्षाएं नहीं ली जाएंगी। परीक्षा नजदीक हैं ऐसे में कक्षाएं नहीं होने से छात्रों का नुकसान होगा।
इस पर उन्होंने कहा कि हम छात्रों को परेशान नहीं करना चाहते। लेकिन अब हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचा था। छात्र परेशान ना हो इसके लिए ही काफी समय से यह कदम नहीं उठाया था। बहुत से कर्मचारियों, शिक्षक और गैर शिक्षण कर्मचारियों को पिछले छह माह से न तो वेतन मिला है और न ही पेंशन मिली है। उन्होंने कहा शिक्षक चाहते हैं कि उन्हें अनुदान जारी हो जिससे वेतन का भुगतान हो सके।
डूटा का कहना है कि आने वाले दिनों में हड़ताल तेज होगी। 15 मार्च को शिक्षक सड़क पर उतरेंगे। डूटा की दिल्ली विश्वविद्यायल एवं कर्मचारी यूनियन और डीयू छात्र यूनियन (डूसू) के साथ 13 मार्च को बैठक होगी। 15 मार्च को कुलपति कार्यालय से मुख्यमंत्री के आवास तक एक अधिकार रैली निकाली जाएगी और 18 मार्च को एक रैली कुलपति कार्यालय से उपराज्यपाल के कार्यालय तक निकाली जाएगी।