सिख फॉर जस्टिस की तरफ से 26 जनवरी से पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर लाल किले पर हमले और खालिस्तानी झंडा फहराने की धमकी दी गई थी। 12 जनवरी को दिल्ली के विकासपुरी, जनकपुरी, पश्चिम विहार, पीरागढ़ी और अन्य पश्चिमी दिल्ली के इलाकों में खालिस्तान के समर्थन में दीवारों पर खालिस्तान समर्थित व राष्ट्रविरोधी नारे लिखे मिले थे। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में गुरपंत सिंह पन्नू ने दावा किया था कि राष्ट्रविरोधी नारे एसएफजे के कैडरों ने लिखे हैं। साथ ही कहा गया था कि खालिस्तानी समर्थक दिल्ली में पहुंच चुके हैं और 26 जनवरी को लालकिले पर झंडा फहराएंगे। इन समर्थकों ने अंग्रेजी व गुरमुखी में खालिस्तान जिंदाबाद, एसएफजे, 1984, पंजाब बनेगा खालिस्तान और रेफरेंडम 2020 वोट फॉर खालिस्तान जैसे राष्ट्रविरोधी नारे लिखे गए थे।
अज्ञात लोगों के खिलाफ दो समुदायों के बीच दुश्मनी भड़काने और आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज कर एसीपी ललित मोहन नेगी की देखरेख में इंस्पेक्टर सुनील राजैन, इंस्पेक्टर रविंद्र जोशी, विनय पाल व अरविंद की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने रंगाई करवाकर इन नारों को मिटवाया दिया था। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। आखिरकार इंस्पेक्टर सुनीज राजैन व रविंद्र जोशी की टीम ने दोनों आरोपी तिलक विहार, तिलक नगर दिल्ली निवासी विक्रम सिंह(29) और भरतपुर, राजस्थान निवासी बलराम सिंह (34) को दिल्ली से 29 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को आगे बड़ा टास्क करने के लिए बड़ी रकम देने का भी वादा किया गया था। स्पेशल सेल व खुफिया विभाग की टीमें फिलहाल दोनों से कर रही है।
राष्ट्रविरोधी नारे लिखने के बाद वीडियो बनाई थी-
दोनों आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि इन्हें पश्चिमी दिल्ली में खालिस्तानी समर्थक नारे लिखने के लिए एवज में दो लाख रुपये देने का वायदा किया गया था। साथी ही भविष्य में बड़ा टास्ट व पैसे देने को कहा गया था। इन्होंने 18 व 19 जनवरी की रात आपत्तिजनक नारे लिखे थे। इसके बाद इनकी वीडियो बनाई थीं। ये वीडियो एसएफजे के सीनियर कैडर को वीडियो भेजी थीं। इसके बाद गुरपंत सिंह पन्नू ने इन वीडियो को यू-ट्यूब चैनल पर चैनल गया था और 26 जनवरी को लालकिले पर हमला करने का दावा किया था।
आरोपियों से बरामद सामान-
स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, विभिन्न रंगों की पेंट की छह बोतल, दो मोबाइल फोन, आरोपियों द्वारा उस दिन पहले हुए कपड़े व जूते बरामद किए गए हैं।
विक्रम सिंह एसएफजे का समर्थक है-
दोनों आरोपी ऐरोसिटी के एक होटल में ड्राइवर की नौकरी करते थे। विक्रम सिंह एसएफजे के सीनियर कैडर के नजदीकी है। इस कैडर ने विक्रम सिंह से संपर्क साधा और कहा कि वह एसएफजे के चीफ गुरपंत सिंह पन्नू का खास है। उसने विक्रम सिंह को पश्चिमी दिल्ली में राष्ट्रविरोधी नारे लिखने के लिए कहा था। विक्रम ने पैसे का लालच देकर बलराम को साजिश में शामिल कर लिया।