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दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय विधेयक 2022 पास: दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी भारत को विश्वगुरु बनाने का दावा किया

Tue, 04 Jan 2022 11:18 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी से निकले टीचर भारत को विश्वगुरु बनाएंगे। उन्होंने कहा कि इस यूनिवर्सिटी से देश में टीचर की क्वालिटी इतनी बढ़िया हो जायेगी कि उसकी चर्चा दुनिया भर में होगी।
 
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दिल्ली विधानसभा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली विधानसभा ने मंगलवार को दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय विधेयक पास कर दिया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी से निकले टीचर भारत को विश्वगुरु बनाएंगे। दरअसल नेता नहीं, बल्कि टीचर किसी भी देश को विश्वगुरु बनाते हैं। इस यूनिवर्सिटी से देश में टीचर की क्वालिटी इतनी बढ़िया हो जायेगी कि उसकी चर्चा दुनिया भर में होगी।
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उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी देश में टीचर्स ट्रेनिंग का एक नया मानदंड खड़ा करेगी। देश में जब तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्विद्यालयों में चाणक्य जैसे शिक्षक थे तब पूरी दुनिया में अपने देश की धाक थी। यहां के शिक्षा की चर्चा होती थी। 

एक बार फिर से वो दिन वापस लौटेगा और हमारा देश विश्व गुरु कहलाएगा। और इस कार्य में दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी अहम भूमिका निभायेगी। यहां से निकले शिक्षक देश भर में एक ऐसी पीढ़ी खड़ा करेंगे जो अपने ज्ञान विज्ञान की बदौलत देश को दुनिया में सबसे आगे खड़ा कर देंगे।  
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उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार की नीतियों की चर्चा आज देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी हो रही है। देश के कई राज्यों की सरकारें केजरीवाल सरकार के मॉडल की नकल करने में लगी हैं। प्रधानमंत्री ने मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का शिलान्यास किया। हमने भी दिल्ली में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाई है। मेरठ में हूबहू दिल्ली की खेल यूनिवर्सिटी का मॉडल लागू किया गया है, क्योंकि आज तक गुजरात या किसी भी भाजपा शासित राज्य ने ऐसा कोई मॉडल ही नहीं खड़ा किया जहां से वो नकल कर पाते।
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दूसरी ओर उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। आज देश में केंद्र सरकार ने आईआईटी की फीस 90 हजार रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी।

आईआईएम की फीस बढाकर 23 लाख कर दी। इससे आम आदमी के बच्चों को इन संस्थानों में दाखिला ले पाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वे विधानसभा में हर सवाल और हर चर्चा का जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन भाजपा के पास जवाब सुनने का साहस नहीं है।
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