फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिख गुरु विवाद: दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष का आरोप, पंजाब सरकार फाइल रोक रही; साजिश कर तथ्यों को छिपाने का शक

Fri, 30 Jan 2026 03:54 PM IST
राहुल तिवारी पीटीआई, नई दिल्ली

सार

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि सिख गुरुओं पर कथित टिप्पणी से जुड़े मामले में पंजाब सरकार एफआईआर से संबंधित फाइल दबाए बैठी है। उन्होंने इसे तथ्यों को छिपाने की साजिश बताते हुए सच्चाई सामने लाने की मांग की।
 
विज्ञापन
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता और नेता विपक्ष आतिशी - फोटो : दिल्ली विधानसभा
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को दावा किया कि आम आदमी पार्टी की अगुवाई वाली पंजाब सरकार ने सिख गुरुओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में राज्य पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर से संबंधित फाइल को रोक रखा है। अध्यक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर आम आदमी पार्टी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। विजेंद्र गुप्ता ने पत्रकारों से कहा कि विधानसभा सिख गुरुओं के सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगी और सच्चाई सामने आनी चाहिए।

विज्ञापन


उन्होंने इस महीने की शुरुआत में दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष आतिशी द्वारा सिख गुरुओं के कथित अपमान को लेकर पंजाब सरकार के रवैये पर गहरी चिंता जताई। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि संबंधित फाइल को लगातार रोके रखना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। अब तक न तो एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराई गई है, न ही शिकायत साझा की गई है और न ही कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है।

उन्होंने कहा कि यह स्थिति किसी साजिश की ओर इशारा करती है। इस मामले में चुप्पी और बार-बार हो रही देरी तथ्यों को छिपाने की जानबूझकर की गई कोशिश को दर्शाती है। इस केस के तार सीधे पंजाब के मुख्यमंत्री तक जाते प्रतीत होते हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है। विधानसभा की विशेषाधिकार समिति छह जनवरी को हुई उस कथित घटना की जांच कर रही है, जो गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत वर्षगांठ पर हुई चर्चा के दौरान सामने आई थी।
विज्ञापन


आतिशी ने समिति को दिए अपने जवाब में आरोपों को खारिज करते हुए उस दिन की विधानसभा कार्यवाही का बिना संपादन वाला वीडियो रिकॉर्ड मांगा है। गुप्ता ने दोहराया कि दिल्ली विधानसभा इस मामले को किसी भी हाल में हल्के में नहीं लेगी। उन्होंने कहा, यह सिर्फ एक प्रशासनिक या राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह गुरुओं के सम्मान, गरिमा और आस्था से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। इतने संवेदनशील मामले में किसी भी तरह की लापरवाही या असंवेदनशीलता पूरी तरह अस्वीकार्य है।

भाजपा नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए कथित वीडियो के आधार पर पंजाब पुलिस ने जालंधर में एफआईआर दर्ज की थी। पंजाब पुलिस के अनुसार, क्लिप की फॉरेंसिक जांच में वीडियो से छेड़छाड़ की बात सामने आई। हालांकि, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के निर्देश पर वीडियो की जांच करने वाली दिल्ली फॉरेंसिक साइंस लैब ने इसे असली पाया।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें