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दिल्ली स्किल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय : आईटीआई के छात्रों के लिए शुरू हुए कई पाठ्यक्रम 

Mon, 19 Jul 2021 05:24 AM IST
दुष्यंत शर्मा किशन कुमार, नई दिल्ली

सार

  • आईटीआई छात्र टेलीवीजन इंडस्ट्री से लेकर इंजीनियरिंग में बना सकेंगे करियर
  • एक सप्ताह में 40 घंटे रहेगी पाठ्यक्र की अवधि
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demo pic... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यदि आप आईटीआई से पढ़े हुए हैं और इंजीनियरिंग या टेलीवीजन इंडस्ट्री में रूचि रखते हैं तो लेटरल एंट्री के जरिए अपने करियर को चमका सकते हैं। इसके लिए दिल्ली स्किल एंव उद्यमिता

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विश्वविद्यालय (डीएसईयू) छात्रों के लिए 13 पाठ्यक्रमों में विभिन्न विकल्प लेकर आई है। इसमें से 11 पाठ्यक्रम इंजीनियरिंग व दो पाठ्यक्रमों को कला से जोड़ा गया है।

विश्वविद्यालय ने आइटीआइ छात्रों को बेहतर विकल्प देने के लिए उनकी ट्रेड से जुड़े पाठ्यक्रमों के हिसाब से लांच किया है। इसमें ऑटोमोबालइ से लेकर प्रिंट टेक्नोलॉजी, इंटीरियर डिजाइन और फैशन डिजाइन को भी शामिल किय गया है। सभी पाठ्यक्रमों में छात्रों को सीधे दूसरे वर्ष में दाखिला मिल सकेगा।
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इससे दाखिला लेने वाले छात्र अन्य छात्रों के मुकाबले एक वर्ष कम में दाखिलापाठ्यक्रम को पूरा कर सकेंगे। साथ ही पाठ्यक्रम को पूरा करने के बाद उनके पास बेहतर संस्थानों में करियर की शुरुआत करने के भी अवसर रहेंगे। विश्वविद्यालय ने उन छात्रों को भी अवसरप्रदान किया है जो 12वीं पास हैं, लेकिन आगे की राह को लेकर दुविधा में हैं। ऐसे छात्र भी इसमें सीधे दाखिला लेकर इंजीनियरिंग में करियर बना सकते हैं।

एक सप्ताह में 40 घंटे का रहेगा कोर्स
लेटरल एंट्री के तहत दाखिला लेने वाले छात्रों को एक सप्ताह में केवल पांच दिन ही कैंपस जाना होगा। एक दिन में उन्हें करीब आठ घंटे यानि सप्ताह में 40 घंटे का ही अध्ययन कराया जाएगा। इसके बाद इंडस्ट्री से जुड़ने के लिए उन्हें जमीनी स्तर पर कौशल भी प्रदान किया जाएगा। इससे वे इंडस्ट्री में अपने संपर्क स्थापित करने में भी आगे बढ़ेंगे।

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लेटरल एंट्री डिप्लोमा कोर्स

डिप्लोमा इन अप्लाइड आर्ट्स
अवधि- दो साल
योग्यता: 12वीं पास या आईटीआई पास।
कुल सीटें: छह
कैंपस: महारानी बाग
संभावनाएं: फिल्म इंडस्ट्री, टैक्सटाइल इंडस्ट्री, एडवरटाइजिंग इंडस्ट्री और मैगजीन व अखबार में काम करने का अवसर।
डिप्लोमा इन ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग
अवधि: दो साल
योग्यता: 12वीं पास या आईटीआई पास।
कुल सीटें: 12
कैंपस: ओखला और पूसा।
संभावनाएं: ऑटोमोबाइल इंजीनियर, सेफ्टी इंजीनियर, प्रोडक्शन इंजीनियर व परफोर्मेंश इंजीनियर आदि।

डिप्लोमा इन कैमिकल इंजीनियरिंग
अवधि: दो साल
योग्यता: 12वीं पास या आईटीआई।
कुल सीटें: छह
कैंपस: रोहिणी
संभावनाएं: एसोसिएट साइंटिस्ट, केमिकल इंजीनियर व प्रोसेस इंजीनियर आदि।

डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग
अवधि: दो साल
योग्यता: 12वीं पास या आईटीआई।
कुल सीटें: 18
कैंपस: अशोक विहार, ओखला और पूसा।
संभावनाएं: सिविल इंजीनियर के तौर पर कई बड़ी परियोजनाओं पर काम करने का अवसर।

डिप्लोमा इन कंप्यूटर इंजीनियरिंग
अवधि: दो साल
योग्यता: 12वीं पास या आईटीआई।
कुल सीटें: 24
कैंपस: शकरपुर, रोहिणी, पीतमपुरा और रजोकरी कैंपस।
संभावनाएं: क्लाउड आर्किटेक्ट, प्रोग्रामर व सिस्टम एनालिस्ट आदि।

डिप्लोमा इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
अवधि: दो साल
कुल सीटें: 24
कैंपस: अशोक विहार, ओखला, रोहिणी और पूसा कैंपस।
संभावनाएं: इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के तौर पर काम करने का अवसर।

डिप्लोमा इन इलेक्ट्रोनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग
अवधि: दो साल
योग्यता: 12वीं पास या आईटीआई पास।
कुल सीटें: 18
कैंपस: रोहिणी, महारानी बाग और पूसा कैंपस।
संभावनाएं: टेक्निकल सपोर्ट इंजीनियर, सर्विस इंजीनियर व जूनियर इंजीनियर आदि।

डिप्लोमा इन फैशन डिजाइन
अवधि: दो साल
योग्यता: 12वीं पास या आईटीआई पास।
कुल सीटें: छह
कैंपस: पीतमपुरा कैंपस
संभावनाएं: फुटवीयर व गार्मेंट इंडस्ट्री में डिजाइन करने के साथ बेहतर अवसर।

डिप्लोमा इन इंटीरियर डिजाइन
अवधि: दो साल
योग्यता: 12वीं पास या आईटीआई पास।
कुल सीटें: छह
कैंपस: महारानी बाग कैंपस
संभावनाएं: टेलिविजन, थियेटर, इवेंट मैननेमैंट और कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री में काम करने का अवसर।

डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग
अवधि: दो साल
योग्यता: 12वीं पास या आईटीआई पास।
कुल सीटें: 30
कैंपस: अशोक विहार, ओखला एक और दो कैंपस, रोहिणी और पूसा कैंपस ।
संभावनाएं: मैकेनिकल इंजीनियर के तौर पर विभिन्न कंपनियों में काम करने का अवसर।

डिप्लोमा इन प्रिंट टेक्नोलॉजी
अवधि: दो साल
योग्यता: 12वीं पास या आईटीआई पास।
कुल सीटें: छह
कैंपस: पूसा कैंपस
संभावनाएं: प्रिंटिंग प्रेस, डिजिटल प्रिंटिंग, मैगजिन, मीडिया व पैकेजिंग इंडस्ट्री में अवसर।

डिप्लोमा इन टूल एंड डाइ मेकिंग
अवधि: दो साल
योग्यता: 12वीं पास या आईटीआई पास।
कुल सीटें: छह
कैंपस: ओखला कैंपस।
संभावनाएं: टूल एंव डाई इंडस्ट्री में इंजीनियर के रूप में करियर।
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