तीन कृषि कानूनों को निरस्त कराने की मांग लेकर पिछले साल नवंबर से राजधानी की तीन सीमाओं पर आंदोलन कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने एलान किया है कि सिंघु बॉर्डर से रोज 200 किसान संसद मार्च करेंगे।
एसकेएम की नौ सदस्यीय कमेटी के सदस्य योगेंद्र यादव ने कहा कि किसानों का संसद मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा। इसमें जाने होने वाले किसानों के पास आईडी कार्ड, आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र होंगे। अनुशासन का सख्ती से पालन किया जाएगा, ताकि किसी अराजक तत्व को इसमें शामिल होने का मौका नहीं मिल सके। संसद मार्च के लिए जाने वालों को पूरी तरह अनुशासन में रहने की हिदायत दी जा चुकी है। संसद मार्च में एसकेएम में शामिल सभी 40 संगठनों की बराबर भागीदारी होगी। प्रत्येक संगठन से रोज 5-5 किसानों को संसद मार्च का मौका मिलेगा। मार्च में शामिल होने के लिए विशेष पहचान पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ पूरे देश का किसान आंदोलित है। संसद मार्च में जाने वाले संगठन के पांच-पांच प्रतिनिधियों में भी एक के पास समूह के नेतृत्व का जिम्मा होगा। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव कुमार कक्का ने कहा कि पुलिस को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए जाने वाले किसानों के आधार कार्ड के साथ मोबाइल नंबर की भी जानकारी दी जाएगी।