फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली सत्य निकेतन हादसा: उदासी के बीच हमदर्दी की मिसाल, सहारा बने छात्र, गुरुद्वारे का लंगर भर रहा पेट

Tue, 08 Sep 2026 05:30 AM IST
Digvijay Singh गौरव बाजपेई, अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

सत्य निकेतन में इमारत ढहने के बाद का मंजर दिल दहला देने वाला है। हादसे के बाद इलाके में दहशत और मातम का माहौल है। सुरक्षा कारणों से आसपास के बाजार बंद होने से खाने-पीने की चीजों की किल्लत भी पैदा हो गई है। 
विज्ञापन
दिल्ली पीजी हादसा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सत्य निकेतन में इमारत ढहने के बाद का मंजर दिल दहला देने वाला है। हादसे के बाद इलाके में दहशत और मातम का माहौल है। सुरक्षा कारणों से आसपास के बाजार बंद होने से खाने-पीने की चीजों की किल्लत भी पैदा हो गई है। ऐसे मुश्किल समय में छात्रों ने एक-दूसरे का सहारा बनकर मानवीय संवेदना की मिसाल पेश की है।

विज्ञापन


सुरक्षा कारणों से जिन पीजी (पेइंग गेस्ट) आवासों को खाली कराया जा रहा है, वहां रहने वाले बेघर छात्रों को उनके साथी अपने कमरों में जगह दे रहे हैं। छात्र जरूरतमंद साथियों को रहने से लेकर खाने और दूसरी जरूरी चीजों तक हर संभव मदद पहुंचा  रहे हैं।

इलाके का गुरुद्वारा भी छात्रों के लिए बड़ी राहत का केंद्र बन गया है। बाजार बंद होने के कारण भोजन की परेशानी झेल रहे छात्र गुरुद्वारे पहुंचकर निशुल्क लंगर ग्रहण कर रहे हैं। इसके अलावा कांग्रेस सेवा दल और दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के छात्र वालंटियर समूह भी राहत कार्य में जुटे हैं। वालंटियर छात्रों को भोजन के पैकेट और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध करा रहे हैं और प्रशासन के राहत कार्यों में भी सहयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन


राजनीतिक सक्रियता से मांग दबने की चिंता
हादसे के बाद छात्रों में राहत के साथ अपनी मांगों को लेकर चिंता भी है। उनका कहना है कि राजनीतिक दलों और नेताओं की अतिसक्रियता के बीच उनकी वास्तविक समस्याएं कहीं पीछे न छूट जाएं। छात्रों की प्राथमिकता घायलों का बेहतर इलाज, उचित मुआवजा और सुरक्षित आवास की व्यवस्था है। डीयू के विभिन्न कॉलेजों से पहुंचे छात्रों ने कहा कि छात्रावास उपलब्ध कराने और किराया नियंत्रण जैसी मांगों को भी गंभीरता से उठाया जाना चाहिए। इसी को लेकर छात्र सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में वे जरूरतमंद छात्रों की मदद के लिए अपील कर रहे हैं। इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया मंचों पर भी छात्र राहत कार्यों के साथ अपनी मांगों को मजबूती से उठाने में जुटे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें