अदालत ने गायिका और कलाकार सपना चौधरी के खिलाफ पुलिस को गलत जानकारी देने और अपने पूर्व प्रबंधक पवन चावला के खिलाफ कथित तौर पर झूठी शिकायत दर्ज करने के लिए जांच का आदेश दिया है।
चौधरी और चावला ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। सपना ने शिकायत में दावा किया था कि चावला ने उन्हें कोरे कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया था। पुलिस ने जांच में पाया कि चावला उस दिन शहर में नहीं थे, जिस दिन कथित घटना हुई थी। पुलिस ने आईपीसी की धारा 182 के तहत सपना चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज करने की अनुमति के लिए अदालत में आवेदन दायर किया था। पुलिस ने तर्क रखा कि सपना ने झूठी शिकायत देकर पुलिस को गुमराह किया है।
द्वारका जिला अदालत ने आदेश पारित करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस झूठी शिकायत के आरोप की जांच कर सकती है, लेकिन किसी भी गिरफ्तारी के लिए अदालत से वारंट की आवश्यकता होगी।