दिल्ली-एनसीआर में बुधवार को दशहरे पर रावण का पुतला जलने के बाद भी हवा बीते आठ साल में सबसे साफ दर्ज हुई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 2015 से लेकर अब तक आंकड़ों में यह पहली बार जब हवा की गुणवत्ता साफ से लेकर संतोषजनक श्रेणी में दर्ज हुई। इससे पहले हवा की सेहत औसत से लेकर बहुत खराब श्रेणी में दर्ज हुई थी।
दशहरे के अवसर पर बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में बड़ी संख्या में पुतला दहन हुआ था। राजधानी में दिल्ली सरकार द्वारा सभी तरह के पटाखों पर प्रतिबंध की वजह से बड़ी रामलीला कमेटियों के पुतलों में पटाखे नहीं लगाए गए थे। हालांकि, गली-मोहल्लों में रावण के पुतलों में पटाखों की आवाजें सुनाई दीं। वहीं, एनसीआर में भी बड़ी संख्या में पुतला दहन में पटाखों को इस्तेमाल किया गया था। इसके बावजूद भी हवा की गुणवत्ता पर खास प्रभाव नहीं पड़ा है, बल्कि बीते एक दिन के मुकाबले हवा सुधरकर साफ से लेकर संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गई है।
हवा साफ रहने की वजह
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार मानसून की विदाई देरी से हुई है, जबकि सामान्य तौर पर मानसून 25 सितंबर तक दिल्ली-एनसीआर से विदाई ले लेता है, लेकिन इस बार यह 30 सितंबर तक विदा हुआ है। वहीं, मानसून विदाई के बाद भी वातावरण में गर्मी का अहसास बना हुआ है। साथ ही एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन की स्थिति बन रही है। यही वजह है कि अक्तूबर के पहले सप्ताह में हवा की सेहत पर अधिक प्रभाव देखने को नहीं मिल रहा है। वहीं, हवा की रफ्तार भी मध्यम स्तर में बनी हुई है। इस वजह से प्रदूषकों को जमने का मौका नहीं मिल रहा है। हवा की रफ्तार कम होने व वातावरण का ठंडा होने की वजह से प्रदूषण का स्तर बढ़ता है।
दिल्ली का एक्यूआई 79 दर्ज
दिल्ली-एनसीआर की हवा की सेहत में बीते 24 घंटे में सुधार हुआ है। सभी शहरों की हवा साफ से लेकर संतोषजनक श्रेणी में दर्ज हुई है। वायु मानक एजेंसियों का पूर्वानुमान है कि अगले तीन दिन तक हवा की सेहत बिगड़ने की संभावना नहीं है। बारिश के आसार को देखते हुए हवा की गुणवत्ता में सुधार की संभावना है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा की हवा 50 एक्यूआई के साथ सबसे साफ दर्ज हुई है।
वहीं, दिल्ली का एक्यूआई 79 दर्ज किया गया है। केंद्र की वायु मानक संस्था सफर इंडिया के मुताबिक, बीते 24 घंटे में 2.5 माइक्रोमीटर से बड़े कणों की पीएम 10 में 55 फीसदी हिस्सेदारी रही है। पीएम 10 का स्तर 68 व पीएम 2.5 का स्तर 31 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर रिकॉर्ड किया गया है। सफर का पूर्वानुमान है कि अगले तीन दिनों तक हवा की रफ्तार 15 से 16 किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज की जा सकती है।
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, बृहस्पतिवार को मिक्सिंग हाइट का स्तर 1550 मीटर रहा। वहीं, अगले 24 घंटे में यह 870 मीटर तक पहुंचने की संभावना है। शनिवार तक मिक्सिंग हाइट का स्तर 730 मीटर तक पहुंच सकता है।
प्रदूषण से निपटने के लिए व्यापक योजना की जरूरत
राजधानी में बुधवार को हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने पर संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का पहले चरण लागू हो गया था। हालांकि, बृहस्पतिवार को हवा की गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में दर्ज हुई है। इसे लेकर पर्यावरणविदों का कहना है कि खतरनाक प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए व्यापक कार्रवाई की आवश्यकता है। वहीं, वायु प्रदूषण को मौसमी समस्या के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
दिल्ली में बुधवार को हवा की गुणवत्ता 211 एक्यूआई पर पहुंचने के बाद ग्रैप का पहला चरण लागू हो गया था। हालांकि, बृहस्पतिवार को हवा की गुणवत्ता सुधरकर 79 एक्यूआई के साथ संतोषजनक श्रेणी में दर्ज हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हालात फिर खराब होते हैं, तो ग्रैप को और सख्ती से लागू करना चाहिए।
पर्यावरणविद् भावरीन कंधारी के मुताबिक, वायु प्रदूषण के खिलाफ कार्रवाई पूरे वर्ष होनी चाहिए। जब तक हम प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए पूरे साल एक उपयुक्त नीति पर काम नहीं करेंगे, तब तक कुछ भी काम नहीं करेगा। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) के विश्लेषक सुनील दहिया ने कहा कि खतरनाक प्रदूषण के स्तर को कम करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए और अधिक व्यापक कार्रवाई की आवश्यकता है।