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दिल्ली दंगों को लेकर हुआ बड़ा खुलासा, जामिया नगर में रची गई थी साजिश

Mon, 14 Sep 2020 01:23 AM IST
नोएडा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली हिंसा - फोटो : अमर उजाला
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इस साल फरवरी में दिल्ली में हुए दंगों की साजिश जामिया नगर में रची गई थी। इसकी पटकथा दिसंबर, 2019 में ही लिखनी शुरू कर दी गई थी। जामिया नगर में सीएए व एनसीआर के विरोध में दिसंबर में ही बैठकें होनी शुरू हो गई थीं। इन बैठकों में ही दंगों की साजिश रची गई। इसके लिए जामिया कोआर्डिनेशन कमेटी बनी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की जांच में ये बातें सामने आई हैं। दिल्ली में दंगों को लेकर दर्ज एफआईआर के जांच अधिकारी के बयानों से भी इसका खुलासा हुआ है।

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स्पेशल सेल दिल्ली में हुए दंगों की साजिश रचने की अलग एफआईआर दर्जकर जांच कर रही है। इसके तहत स्पेशल सेल दंगों के केसों के जांच अधिकारी, थानाध्यक्ष व सबडिवीजन के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के भी बयान दर्ज कर रही है कि उनकी तफ्तीश में दंगों की साजिश रचने को लेकर क्या बातें सामने आई हैं और क्या-क्या सबूत मिले हैं। दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले में ही दंगे हुए थे। इस जिले में कुल 11 थाने हैं। इन 11 थानों के थानेदार व संबंधित एसीपी के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

इसके अलावा दिल्ली दंगों को लेकर कुल 751 एफआईआर दर्ज की गई थी। दंगों के दौरान मौत मामले के 61 केसों की जांच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एसआईटी को सौंपी गई थी। इन 61 केसों के जांच अधिकारी के बयान दर्ज किए गए हैं। शेष 690 एफआईआर उत्तर-पूर्वी जिले की हैं। इन एफआईआर के 90 जांच अधिकारी हैं। इन 90 जांच अधिकारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इसके अलावा दंगों में 108 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इन घायल पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही केसों के संबंध में भी उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
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स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच में जो तथ्य आए हैं वह अलग है। जांच अधिकारियों व संबंधित सीनियर पुलिस अधिकारियों से बयान दर्जकर यह पता किया जा रहा है कि दंगों की साजिश रचने को लेकर क्या तथ्य व सबूत सामने आए हैं। किस तरह साजिश रची गई। जांच में यह बात भी सामने आई थी कि जामिया नगर में आरोपियों के बीच तय हुआ था कि अमेरिकी राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान दंगों की शुरुआत की जाएगी।

एक धरनास्थल की जिम्मेदारी एक सदस्य को दी गई थी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच में ये बात सामने आई है कि जामिया कोआर्डिनेशन कमेटी ने सीएए व एनसीआर के विरोध में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में जगह-जगह धरना-प्रदर्शन करने के लिए कहा था। हर धरनास्थल की जिम्मेदारी कमेटी के एक सदस्य को दी गई थी। ये सदस्य धरना स्थल की देखभाल, खाना आदि का इंतजाम करता था। फंड की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी इसी सदस्य की होती थी।

स्पेशल सेल जल्द दाखिल कर सकती है चार्जशीट
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा में दिल्ली दंगों की साजिश रचने की अलग से एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में इस एफआईआर को स्पेशल सेल में ट्रांसफर कर दिया गया था। स्पेशल सेल इस एफआईआर के तहत आप के निलंबित पूर्व निगम पार्षद ताहिर हुसैन समेत करीब 15 ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। सभी के खिलाफ यूएपीए लगाया गया है। स्पेशल सेल इस मामले में जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर सकती है। स्पेशल सेल को 17 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करनी है। इससे पहले स्पेशल सेल कोर्ट से आग्रह कर चार्जशीट दाखिल करने की तारीख को दो बार आगे बढ़वा चुकी है। स्पेशल सेल की बहुत बड़ी टीम चार्जशीट तैयार करने में जुटी है।

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