गर्भवती महिलाओं में कोरोना की वजह से बढ़ती मौतों को देखते हुए एक नई रिपोर्ट में उन्हे टीकों में प्राथमिकता देने की सिफारिश की गई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक मातृ मृत्युदर और पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्युदर पहले से ही ज्यादा है। कोविड 19 की वजह से यह और बढ़ सकती है।
दिल्ली के वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज सफजरजंग अस्पताल के डॉक्टरों की टीम की इस रिपोर्ट के अनुसार गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण में कोरोना वैक्सीन को भी शामिल किया जाना चाहिए।
इस टीम की प्रमुख डॉ. यामिनी के अनुसार खासतौर पर गर्भवती महिलाओं के लिए ज्यादा खतरे वाले भारत जैसे देशों में तो यह कदम अनिवार्य रूप से उठाना चाहिए। अभी अधिकतर जगह टीका लगवाना इन महिलाओं की मर्जी पर ही छोड़ दिया गया है जबकि गर्भवती महिलाओं में टीकाकरण का फायदा मां के साथ गर्भस्थ शिशु को भी मिलने के साक्ष्य मिले हैं।
पहले दी थी चेतावनी
कई संगठनों ने गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण में शामिल करने की सिफारिश की थी। दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर गर्भवती और शिशु स्तनपान करवा रही महिलाओं की टीकाकरण में प्राथमिकता देने की मांग की थी।
70 प्रतिशत ज्यादा मौत का खतरा
रिपोर्ट के अनुसार गर्भवती महिलाओं में कोविड 19 से मौत की आशंका 70 फीसदी अधिक है। टीकाकरण से मां कोरोना से सुरक्षित होगी वहीं बच्चे में भी एंटीबॉडी मिलने की पुष्टि कई मामलों में हुई है।