अदालत आप विधायक सौरभ भारद्वाज की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें कश्मीरी पंडितों की दुर्दशा पर बनी फिल्म द कश्मीर फाइल्स पर केजरीवाल की टिप्पणी के विरोध में 30 मार्च को हुए तोड़फोड़ के बारे में बताया गया था। भाजपा की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री आवास के प्रवेश द्वार तक पहुंचने के लिए बैरिकेड्स तोड़ दिए और पुलिस की मौजूदगी में सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट कर दिया था।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत से पुलिस को रिपोर्ट की एक प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश देने का अनुरोध किया ताकि वे अदालत की उचित सहायता कर सकें। इस पर पीठ ने कहा पहले इसे देखते हैं। अगर हमें लगता है कि यह आपके साथ साझा करने के लिए कुछ है तो हम करेंगे। याचिकाकर्ता की और से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने भी सुझाव दिया कि अधिकारी राष्ट्रपति भवन जैसे सीएम आवास के आसपास के क्षेत्र में सीआरपीसी की धारा 144 लगाने पर विचार कर सकते हैं।
इससे पहले उच्च न्यायालय ने इसे बहुत परेशान करने वाली स्थिति बताया था। घटना को रोकने के लिए पुलिस पर नाराजगी व्यक्त की थी और पुलिस आयुक्त को गंभीर चूक के लिए जिम्मेदारी तय करने का निर्देश दिया था।