वह सट्टा खिलवाने वाले बुकी को कई एप पर सट्टा खिलवाने के लिए यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध करवाता है। पुलिस की टीम ने आरोपी की जानकारी जुटाना शुरू कर दी। इसके बाद टीम ने आईपी एक्सटेंशन के गणेश अपार्टमेंट से आरोपी को दबोच लिया। आरोपी सोसायटी में इज्जतदार बनकर रह रहा था। इसके परिवार में पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं।
सोसायटी में कोई इसके बारे में नहीं जानता। पुलिस ने आरोपी के घर की तलाशी ली तो इसके घर से साढ़े तीन करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। जांच के दौरान आरोपी ने बताया कि वह कैश में ही डील करता है। दुनिया के किसी भी कौने में बैठे बुकी के लिए वह सट्टा खिलवाने का ऑन लाइन और सुरकित इंतजाम करवाता है। सट्टे की रकम पर वह दो फीसदी कैश कमिशन लेता है।
ऐसे खिलाया जाता है ऑन लाइन सट्टा
आरोपी एंड्रॉयड या आईओएस वह एप के लिए सट्टा खिलवाता था। गूगल प्ले या कंप्यूटर पर इंटरनेट के द्वारा स्काई, आइस, गोल्ड या डायमंड जैसे एप को डाउनलोड करवाया जाता था। इसके बाद आरोपी बुकीज को दो प्रतिशत कमिशन पर यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध करवाता था। कोई भी बिना पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों के डर के बिना दुनिया में कहीं से भी एप के जरिये सट्टा बुक कर सकता था।
यह टेनिस, रगबी, फुटबॉल व दूसरे खेलों पर सट्टा बुक करवाता था। बुकीज को कितना फायदा हुआ या नुकसान हुआ, इससे उसे कोई मतलब नहीं था। यह बुक की गई रकम का दो फीसदी लेता था। वह भी घर पर कैश ही मंगाया जाता था। खुद संजीव राठौर कैश लेकर आगे खुद भी कैश देता था। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सट्टे के मामले में बरामद साढ़े तीन बरामद की रकम अब तक की सबसे बड़ी रकम है।