गणतंत्र दिवस से पूर्व दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले गैंग के दो बदमाशों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान गांव नंगला सिरोली, कोसी कलां, मथुरा निवासी शाहनवाज उर्फ लाला (22), गांव बिछोरे, नूंह, हरियाणा निवासी इलियास (42) और हथियारों का रिसीवर गांव चिड़िया, दादरी, हरियाणा निवासी रोहित (23) के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 15 पिस्तौल, 64 कारतूस, 10 हजार रुपये कैश और वारदात में इस्तेमाल एक बाइक बरामद की है। रोहित जेल में बंद हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर प्रदीप कसानियां का साथी है। उसके कहने पर ही वह दो हथियार तस्कर शाहनवाज और इलियास से हथियार लेने दिल्ली आया था। स्पेशल सेल की टीम पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि गणतंत्र दिवस को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने चौकसी बढ़ाई हुई है। वह जेल से छुटे बदमाश और दूसरे राज्यों के बदमाशों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। इसी कड़ी के दौरान शुक्रवार को उनकी टीम को सूचना मिली कि हथियारों की एक बड़ी खेप लेकर तस्कर शिल्पा गैस एजेंसी चौक, माजरा गांव के पास आने वाले हैं।
सूचना के बाद फौरन एक टीम का गठन किया गया। पुलिस की टीम को पता चला कि तस्कर हथियारों को हरियाणा के गैंगस्टर के हवाले करने वाले हैं। रात करीब 10.30 बजे प्रदीप कसानिया गैंग का गुर्गा रोहित गैस एजेंसी के पास पहुंच गया।
इस बीच बाइक से शाहनवाज और इलियास भी वहां पहुंच गए। एक बैग में बदमाशों ने हथियार रोहित के हवाले कर दिया। उसी दौरान पुलिस की टीम ने छापा मारकर आरोपियों को दबोच लिया। इनके पास से 15 पिस्टल, जिनमें चार तमंचे भी शामिल हैं बरामद हुई।
पूछताछ के दौरान शाहनवाज ने बताया कि उसका पिता ईसुब मथुरा का बड़ा हथियार तस्कर है। करीब डेढ़ साल पहले उसने पिता के साथ मिलकर हथियारों की तस्करी शुरू की। उसका पिता दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, यूपी और रास्जथान में हथियार तस्करी करता है।
इलियास भी उसके पिता के साथ ही काम करता है। आरोपी 10 से 12 हजार में पिस्टल और 1000 या 1200 में तमंचा खरीदकर उनको मुंहमांगे दामों पर बेचते थे। शाहनवाज पहले भी हरियाणा में एक बार अवैध हथियारों की तस्करी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है।