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26 जनवरी की हिंसा मामले में एक लाख का इनामी दीप सिद्धू गिरफ्तार, जानिए उसके बारे में सब कुछ

Tue, 09 Feb 2021 10:02 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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लाल किले पर हिंसा का आरोपी दीप सिद्दू गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
देश की राजधानी दिल्ली में 26 जनवरी के दिन किसानों के ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा और लाल किले पर झंडा फहराने और हिंसा के मुख्य आरोपी दीप सिद्धू को मंगलवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साउथ वेस्टर रेंज ने पंजाब के जीरकपुर से गिरफ्तार किया। गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली में अचानक हिंसा की घटनाएं सामने आने लगीं थीं। दिल्ली की सड़कों पर उग्र किसानों ने जमकर हंगामा किया। हालात बिगड़ने पर पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। इसी बीच 26 जनवरी के दिन दोपहर करीब एक बजे यह खबर आई कि किसानों का समूह लाल किला पहुंच गया है और वहां की प्राचीर पर कब्जा कर धार्मिक झंडा फहरा रहा है। झंडा फहराने की इस घटना का जो मुख्य आरोपी दीप सिद्धू को बनाया गया।

इन हिंसक घटनाओं का विरोध करने वाले किसान नेताओं ने भी दीप सिद्धू पर हिंसा भड़काने और लाल किले पर झंडा फहराने का आरोप लगाया। इसके बाद से ही दीप सिद्धू फरार था जिसे दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है। सिद्धू ने फेसबुक पर भी कहा था कि उसने लोकतांत्रिक अधिकार के तहत निशान साहिब का झंडा लालकिले पर फहराया। आइए बताते हैं कि कौन हैं दीप सिद्धू, जिनको लेकर बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल को देनी पड़ी सफाई और एनआईए ने समन भेज तलब किया...
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Deep sidhu - फोटो : इंस्टाग्राम
कौन है दीप सिद्धू 
दीप सिद्धू पंजाबी अभिनेता है। दीप सिद्धू का जन्म वर्ष 1984 में पंजाब के मुक्तसर जिले में हुआ, फिर उसने आगे लॉ की पढ़ाई की।। दीप किंगफिशर मॉडल हंट के विजेता रह चुका है और मिस्टर इंडिया कॉन्टेस्ट में मिस्टर पर्सनैलिटी का खिताब जीत चुका है। शुरूआत में मॉडलिंग की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। किंगफिशर मॉडल हंट अवार्ड जीतने से पहले वह कुछ दिन बार के सदस्य भी रहा। साल 2015 में दीप सिद्धू की पहली पंजाबी फिल्म 'रमता जोगी' रिलीज हुई। हालांकि, उसे पहचान साल 2018 में आई फिल्म 'जोरा दास नुम्बरिया'  से मिली, जिसमें उसने गैंगेस्टर का किरदार निभाया है।  
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Deep sidhu - फोटो : Social Media
प्रधानमंत्री के साथ फोटो वायरल
पिछले लोकसभा चुनाव में दीप ने गुरदासपुर से भाजपा सांसद और बॉलीवुड एक्टर सनी देओल के लिए चुनाव प्रचार किया था। दीप सिद्ध् की भाजपा से नजदीकी की बात कहकर अब सोशल मीडिया पर उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह व सांसद सनी देओल के साथ तस्वीरें वायरल कर दी गई हैं। कीर्ति किसान यूनियन के उपाध्यक्ष रजीन्दर सिंह दीपसिंह वाला ने बताया कि केंद्र सरकार शुरू से ही किसान आंदोलन को सांप्रदायिक रंग देना चाहती थी। दीप सिद्धू ने उनकी अच्छी सेवा की है।

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सनी देओल, दीप सिद्धू - फोटो : Twitter
सनी देओल को देनी पड़ी सफाई
पिछले लोकसभा चुनाव में दीप ने गुरदासपुर से भाजपा सांसद और बॉलीवुड एक्टर सनी देओल के लिए चुनाव प्रचार किया था।  हालांकि, लाल किले पर हुई हिंसक घटना के बाद सनी देओल ने एक ट्वीट करते हुए कहा 'मेरा या मेरे परिवार का दीप सिद्धू से कोई संबंध नहीं है।'  देओल ने कहा, 'आज लाल किले पर जो हुआ,  उसे देख कर मन बहुत दुखी हुआ है। मैं पहले भी, 6 दिसंबर  को  ट्वीट कर स्पष्ट कर चुका हूं कि  मेरा या मेरे परिवार का दीप सिद्धू के साथ कोई संबंध नही है। जय हिन्द।'
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Deep sidhu - फोटो : इंस्टाग्राम
खालिस्तान समर्थक होने का आरोप, एनआईए ने भेजा नोटिस  
दीप सिद्धू किसान आंदोलन में लगातार दो महीनों से सक्रिय हैं। कुछ दिन पहले दीप को सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे ) के साथ रिश्तों को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए ) ने नोटिस भी जारी किया था। दीप ने पिछले साल आंदोलन के दौरान किसान यूनियन की लीडरशिप पर सवाल उठाया था। उस दौरान उन्होंने शंभु मोर्चा के नाम से नए किसान संगठन की घोषणा भी की थी। तब उनके मोर्चा को खालिस्तान समर्थक चैनलों से समर्थन भी मिला था।
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लाल किले पर झंडे के साथ प्रदर्शनकारी (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
दीप सिद्धू ने स्वीकारी लाल किले पर झंडा फहराने की बात 
इस बीच,  दीप सिद्धू ने फेसबुक पर एक वीडियो जारी कर कहा कि लाल किला पर निशान साहिब का झंडा तो उन्होंने ही फहराया है, लेकिन राष्ट्र ध्वज नहीं हटाया। साथ ही अपने ऊपर लगे आरोपों को दरकिनार कर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ संगठनों के नेताओं ने तय रूट फॉलो नहीं करने की बात पहले ही कही थी, लेकिन  भारतीय किसान यूनियन ने इसे नजरंदाज कर दिया। उन्होंने कहा कि  केवल एक प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर 'निशान साहिब' को लगाया था। बता दें कि निशान साहिब' सिख धर्म का प्रतीक है और इस झंडे को सभी गुरुद्वारा परिसरों में लगाया जाता है।
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