नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार राजधानी के रिहायशी इलाकों में धरना प्रदर्शन प्रतिबंध है और प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान रामलीला मैदान व जंतर मंतर हैं। इसी आधार पर आप पार्टी के कार्यकर्ताओं को केंद्रीय मंत्री अमित शाह व उपराज्यपाल के निवास पर प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी गई। दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट के समक्ष बृहस्पतिवार को यह तर्क रखा।
न्यायमूर्ति नवीन चावला के समक्ष आम आदमी पार्टी के विधायक राघव चड्ढा और आतिशी की याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस ने यह दलील दी। आप विधायकों ने अपनी याचिकाओं के जरिये दिल्ली पुलिस के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसके तहत उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री और दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल के आवास के बाहर शांतिपूवर्क प्रदर्शन करने की अनुमति देने से मना कर दिया गया था।
दिल्ली सरकार के अतिरिक्त वकील गौतम नारायण ने पुलिस की ओर सेे कहा कि पुलिस ने एक आदेश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि धरना प्रदर्शन सिर्फ रामलीला मैदान या जंतर मंतर पर हो सकते हैं तथा आवासीय इलाकों में प्रदर्शन प्रतिबंध है तथा इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी।
दिल्ली पुलिस के इस तर्क पर आपत्ति जताते हुए याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि यदि ऐसा नियम है तो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर प्रदर्शन कैसे किया जा रहा है? उन्होंने पुलिस पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। अदालत ने शुरुआती दलीलें सुनने के बाद मामले की सुनवाई शुक्रवार को तय कर दी।
उत्तर दिल्ली नगर निगम द्वारा कोष का कथित गबन किए जाने के खिलाफ 13 दिसंबर को आप के दोनों विधायक शाह और बैजल के आवास के बाहर धरना देना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई।