नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण के कारण दिल्ली पुलिस के एएसआई की साकेत के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त एएसआई भुवनचंद (50) के रूप में हुई है। भुवनचंद तीसरी बटालियन में तैनात थे। कोरोना से दिल्ली पुलिस के 15 से अधिक जवानों की जान जा चुकी है, जबकि 3000 से अधिक जवान संक्रमित भी हो चुके हैं। शनिवार को भुवनचंद का निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भुवन वर्ष 1988 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए थे। इनका परिवार संत नगर बुराड़ी में रहता है। परिवार में पत्नी जानकी पांडेय के अलावा दो बेटी रजनी, करिश्मा और बेटा प्रकाश है। बटालियन ने उन्हें तीस हजारी कोर्ट में बाहरी जिले के लॉकअप में तैनात कर रखा था, लेकिन किसी कैदी के साथ उनकी ड्यूटी एलएनजेपी अस्पताल के कोविड वार्ड में लग गई। इसको लेकर भुवन ने एतराज भी किया था। तबीयत खराब होने पर उन्होंने पांच अगस्त को कोविड टेस्ट कराया, जिसमें वह पॉजिटिव आए। तीन दिन घर में आइसोलेट रहने के बाद उनको सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
परिवार ने नौ अगस्त को उन्हें साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई। भुवनचंद पहले से मधुमेय से पीड़ित थे। पिछले 10 दिनों से वह वेंटिलेटर पर थे। शुक्रवार को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि परिवार में वह अकेले कमाने वाले थे। अब उनके परिवार का खर्चा कैसे चलेगा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने एएसआई की मौत पर दुख जाहिर किया है।