हरिद्वार में वर्ष 2010 में 14 वर्षीय किशोरी से आश्रम में एक डॉक्टर ने दुष्कर्म किया। यह सिलसिला चार साल चला। डर की वजह से लड़की ने शिकायत नहीं की लेकिन अब निर्भया के दोषियों को सजा मिली तो उसमें हिम्मत जागी। अब दिल्ली के विवेक विहार थाने में 24 वर्षीय युवती ने अपने साथ हुए दुष्कर्म की शिकायत की है। पुलिस जीरो एफआईआर दर्ज कर केस को हरिद्वार भेजने की तैयारी कर रही है।
पुलिस के मुताबिक मूलरूप से छत्तीसगढ़ की रहने वाली शालू (24) (बदला हुआ नाम) 2010 में हरिद्वार के एक आश्रम में रहती थी। वहां एक डॉक्टर की नजर उस पर पड़ गई। आरोपी डरा-धमकाकर उसे अपनी हवस का शिकार बनाने लगा। करीब चार साल यह सिलसिला चला। डर की वजह से युवती ने अपने परिवार तक को कुछ नहीं बताया। वह वापस अपने गांव लौट गई।
इस बीच वह किसी काम से दिल्ली आई और लॉकडाउन में झिलमिल इलाके में फंस गई। निर्भया के दोषियों को सजा मिलने पर उसकी हिम्मत जागी। युवती ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ शिकायत करने का मना बना लिया। उसने मामले की शिकायत विवेक विहार थाना पुलिस से की। पुलिस भी उसकी शिकायत दर्ज करने को तैयार हो गई।
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने दस साल बाद मंगलवार को दुष्कर्म की धाराओं में जीरो एफआईआर दर्ज की। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब मामले को हरिद्वार ट्रांसफर किया जा रहा है, आगे की कार्रवाई स्थानीय पुलिस करेगी।