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कोरोना महामारी का खौफ: अपनों से बनाई दूरी, दिल्ली पुलिस कर रही है अंतिम संस्कार

Tue, 27 Apr 2021 01:23 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कोरोना महामारी का खौफ इस कदर है कि मरीजों की मौत के बाद अपने भी मृत शरीर को छूने से कतराने लगे हैं। ऐसी विकट परिस्थिति में पुलिसकर्मी अपनी जान की परवाह न करते हुए मानवता का परिचय दे रही है और मृत लोगों का अंतिम संस्कार कर रही है।
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दिल्ली पुलिस करा रही अंतिम संस्कार - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कोरोना महामारी का खौफ इस कदर है कि मरीजों की मौत के बाद अपने भी मृत शरीर को छूने से कतराने लगे हैं। ऐसी विकट परिस्थिति में पुलिसकर्मी अपनी जान की परवाह न करते हुए मानवता का परिचय दे रही है और मृत लोगों का अंतिम संस्कार कर रही है। द्वारका नार्थ थाना पुलिस ने लेह में तैनात एक लेफ्टिनेंट कर्नल की आग्रह पर उनके ससुर का अंतिम संस्कार किया। वहीं द्वारका साउथ थाना पुलिस ने भाई के घर आई महिला की कोरोना से मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार किया। जबकि कालकाजी थाना पुलिस ने भी एक महिला की मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार किया। 

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द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त संतोष कुमार मीणा ने बताया कि द्वारका नार्थ थाना पुलिस को सोमेन मंडल ने फोन कर बताया कि उनके ससुर विश्वनाथ प्रमाणिक की कोरोना संक्रमित होने के बाद निधन हो गया है। कोरोना महामारी की वजह से परिवार का सदस्य उनका अंतिम संस्कार करने से डर रहे हैं। सोमेन ने दिल्ली पुलिस से ससुर के अंतिम संस्कार करवाने में परिवार की मदद करने का आग्रह किया। सोमेन सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर कार्यरत हैं और फिलहाल लेह में तैनात हैं। उन्होंने बताया कि तैनाती और समय कम होने की वजह से वह नहीं आ सकते हैं। इस आग्रह के बाद पुलिस उपायुक्त ने अंतिम संस्कार को लेकर पूरी तैयारी की। द्वारका नार्थ थाने के सिपाही राजेश पीपीई किट पहनकर विश्नाथ प्रमाणिक के घर पहुंचे और एंबुलेंस से शव ले जाकर उनका अंतिम संस्कार किया। 

इसी तरह द्वारका साउथ इलाके में कोरोना संक्रमित जय मतनानी का देहांत हो गया। वह अपने पति नरेश के साथ लाजपत नगर इलाके में रहती थी। कुछ दिन पहले वह द्वारका सेक्टर 7 में रहने वाले अपने भाई के घर आई थी। जहां वह कोरोना संक्रमित हो गई थी। रविवार को जय मतनानी की संक्रमण से मौत हो गई। चूंकि कोरोना महामारी से जय की मौत हुई थी, इसलिए परिवार का कोई भी शख्स उनके अंतिम संस्कार करने से डर रहा था। इस बात की जानकारी मिलने के बाद द्वारका साउथ थाना प्रभारी बलवीर सिंह अपनी टीम के साथ पीपीई किट पहन कर वहां पहुंचे और महिला के शव को सेक्टर 24 स्थित शव ले जाकर रीति रिवाज से उनका अंतिम संस्कार किया। 
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एक अन्य मामले में सोमवार सुबह कालका जी थाना प्रभारी विरेंद्र सिंह को एक फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि डीडीए फ्लैट कालकाजी में एक महिला की मौत हो गई है। कोरोना संक्रमण के डर से महिला का कोई अंतिम संस्कार नहीं कर रहा है। वह यहां अकेली रह रही थी। इस सूचना पर थाना प्रभारी अपने साथ एसआई रवि और रोहित के साथ अन्य कर्मचारियों को लेकर वहां पहुंचे। मृतका की शिनाख्त पुष्पा (52) के रूप में हुई। जांच में पता चला कि छह दिन पहले पुष्पा ने वैक्सीन लिया था। उसके बाद से उसे तेज बुखार था। उसकी मौत के बाद लोगों को आशंका है कि उसकी मौत कोरोना से हुई है। इसलिए कोई भी उसके शव को हाथ नहीं लगा रहा है। ऐसी स्थिति में पुलिस ने मानवता का परिचय देते हुए एंबुलेंस बुलाकर शव को कालकाजी श्मशान घाट पहुंचे। जहां उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। 
 

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प्रशांत विहार थाना पुलिस ने करवाया अंतिम संस्कार

रोहिणी के एक सोसाइटी में एक परिवार के मुखिया की मौत के बाद प्रशांत विहार थाना पुलिस ने उसका अंतिम संस्कार करवाया। परिवार के सभी सदस्यों के संक्रमित होने की वजह से आस पड़ोस के लोगों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था। 

मामल रोहिणी सेक्टर 14 स्थित एक सोसाइटी की है। एक परिवार में माता-पिता और बेटा बहू कोरोना संक्रमित हो गए। सभी होम आईसोलेशन में हैं। इस बीच रविवार शाम प्रशांत विहार के थाना प्रभारी प्रवीण कुमार को किसी ने बताया कि घर के मुखिया की मौत हो गई है और कोई उसका अंतिम संस्कार करने को राजी नहीं है। आस पास के लोगों ने उसके बेटे बहू के घर के दरवाजे को भी बाहर से बंद कर दिया है। जिसकी वजह से वह बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। 

इस बात की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी अपने साथ टीम और एंबुलेंस लेकर वहां पहुंचे और पूरा इंतजाम करने के बाद शव को श्मशान घाट भेजा। मृतक के परिवार वालों ने दिल्ली पुलिस को धन्यवाद दिया है। 
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