मध्य जिला के करोलबाग थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसका मुखिया झारखंड के जामताड़ा में साइबर ठगी की ट्रेनिंग लेकर वारदात को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने इस संबंध में गैंग सरगना सेक्टर-21, गुरुग्राम, हरियाणा निवासीप रवीश उर्फ अबीराम (24) , मोहम्मद आरजू उर्फ साहिल (23), सेक्टर-22, गुरुग्राम निवासी योगेश सिंह (27) और गांव धरनपुर, फरुर्खाबाद, यूपी निवासी रितिक सिंह (19) के रूप में हुई है।
आरोपी कोविड महामारी के दौरान ऑक्सीजन सिलिंडर व दूसरे उपकरणों के नाम पर ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से दिल्ली में हुई ठगी छह वारदातें सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने इनके 16 बैंक खाते फ्रीज किए हैं जिसमें 2.46 लाख रुपये मिले हैं।
आरोपी एक सप्ताह में दिल्ली, यूपी, हरियाणा समेत अन्य जगहों पर बीस से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। मध्य जिला पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह ने बताया कि आरोपियों के पास से पुलिस ने चार मोबाइल, 16 सिमकार्ड, एक लैपटॉप, दो बाइक, एक स्कूटी व काफी संख्या में दस्तावेज बरामद किए हैं।
संत नगर, करोलबाग निवासी क्षतिज मेहरा ने अपने एक दोस्त के लिए ऑन लाइन सिलिंडर मंगाने के लिए आरोपियों से संपर्क किया था। आरोपी ने सोशल मीडिया से मिले नंबर पर खुद की पहचान रितिक सिंह बताई। आरोपी ने सिलिंडर के बदले 47500 रुपये की मांग की। बताए गए खाते में पीड़ित ने रुपये ट्रांसफर कर दिए। लेकिन उसे सिलिंडर नहीं मिला।