केन्द्रीय मंत्री अमित शाह का निजी सचिव बनकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री को फोन करने वाले जालसाज को दिल्ली पुलिस ने इंदौर, मध्यप्रदेश से शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। उसने परिवहन निरीक्षक का तबादला रुकवाने के लिए केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी को फोन किया था। आरोपी अभिषेक उर्फ शिवा रीवा, मध्यप्रदेश का हिस्ट्री शीटर है और उस पर एक दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं।
मामला दो केन्द्रीय मंत्रियों से जुड़ा है ऐसे में अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारी कुछ भी बोलने से दिनभर बचते रहे। देर रात दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता ने इस मामले में एक बयान जारी किया। दिल्ली पुलिस उसे मध्यप्रदेश से दिल्ली लेकर आ रही है। दिल्ली पुलिस ने मध्यप्रदेश पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार कर उसका मोबाइल बरामद कर लिया। मोबाइल में केन्द्रीय मंत्रियों को फोन करने का विवरण भी मिल गया है।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने केन्द्रीय गृहमंत्री का पीए साकेत कुमार बनकर केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी को तीन जुलाई को फोन किया था। आरोपी ने ग्वालियर परिवहन कार्यालय में कार्यरत परिवहन निरीक्षक का तबादला रुकवाने का आग्रह किया। हालांकि बताया जा रहा है कि उसने दो नौकरशाहों के तबादले रुकवाने के लिए कहा था
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जब दोनों मंत्रालयों के अधिकारियों के बीच बात हुई तो फोन करने वाली बात झूठी निकली। आरोपी ने और भी मंत्रालयों में कई अफसरों को फोन किए थे। मामले में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पांच जुलाई को मामला दर्जकर जांच शुरू की। इंस्पेक्टर वीएन झा की टीम ने मोबाइल सर्विलांस के आधार पर अभिषेक की तलाश की तो उसकी लोकेशन मुंबई में मिली। पुलिस मुंबई पहुंची तो उसका मोबाइल बंद मिला।
इसके बाद पुलिस टीम इंदौर, मध्यप्रदेश स्थित उसके घर पहुंची। पुलिस ने उसके पत्नी व जीजा से पूछताछ की। अपराध शाखा की टीम आरोपी के घर के बाहर नजर रखे रही। उसकी पत्नी ने उसे मैसेज कर दिया कि घर मत आना पुलिस वाले हैं। मैसेज के जरिये पुलिस को अभिषेक का नया नंबर मिल गया। वह इंदौर के पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में एक होटल में छिपा था।
आरोपी का कहना है कि उसने अपने साथी विनय कुमार बधेल के कहने पर केन्द्रीय मंत्रियों को फोन किए थे। अपराध शाखा इस बात की जांच कर रही है कि वह अब कितने लोगों को वो इस तरह के कॉल कर चुका है और उसके पास अफसरों-मंत्रियों के नंबर कहां से आए।