चौकीदारी और कार धोने के बहाने मकानों और दुकानों की रैकी कर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले नेपाली गैंग के छह बदमाशों को उत्तरी जिला स्पेशल स्टाफ थाना पुलिस ने दबोचा है। सभी आरोपी नेपाल के रहने वाले हैं। इनकी पहचान दल बहादुर, प्रेम बहादुर, ध्वज बहादुर, अर्जुन, राजेश सउद और शंकर सउद के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में घरों से चोरी किया गया सामान और चोरी करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले औजार बरामद किए हैं। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया है कि वह 50 से अधिक चोरी की वारदातों में शामिल रह चुके हैं। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से 12 वारदातें सुलझाने का वादा किया है। उत्तरी जिला स्पेशल स्टाफ पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त अंटो अल्फोंस ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से जिले में दुकानों और मकानों में लगाकर चोरियां हो रही थी।
लोकल पुलिस के अलावा स्पेशल स्टाफ को आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगाया गया। विशेष टीम ने अलग-अलग घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि वारदात में नेपाली गिरोह का हाथ है। इस बीच इन बदमाशों की जानकारियां जुटाई गई। जांच के दौरान पता चला कि वारदातों में शामिल रहे छह बदमाश अग्रसेन पार्क, मोरी गेट इलाके में आने वाले हैं। सूचना के बाद स्पेशल स्टाफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार व अन्यों की टीम ने आरोपियों को रविवार को दबोच लिया। इनके निशानदेही पर दो लैपटॉप, कीमती घड़ियां, जेवरात और अन्य सामान बरामद कर लिया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका गैंग लीडर दल बहादुर है। करीब 18 साल पहले वह नेपाल से दिल्ली आया था। यहां आने के बाद उसने चौकीदारी करने के अलावा गाड़ियां धोने का काम किया। बाद में उसने अपना गैंग बनाकर नेपाल से कुछ और लड़के बुला लिये। आरोपी कार धोने के अलावा चौकीदारी कर मकानों और दुकानों की रैकी कर लेते थे। बाद में रात को समय मकान व दुकान पर धावा बोला जाता था। चोरी किए गए माल का खरीदार अर्जुन है जो अपने जानकारों को जरिये चोरी के माल को चुपचाप नेपाल भिजवा देता था। पुलिस पकड़े गए सभी आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।