अदालत ने कहा कि स्वामी ने 28 सितंबर 2021 को एक ट्वीट पोस्ट किया था। हालांकि बग्गा की गवाही के अनुसार ये आरोप झूठे हैं और शिकायतकर्ता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए लगाए गए हैं। यहां तक कि सब-इंस्पेक्टर संदीप कुमार, पुलिस स्टेशन मंदिर मार्ग ने भी शिकायतकर्ता के बयान की पुष्टि की है।
अदालत ने कहा यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि स्वामी ने बयान की सत्यता की पुष्टि किए बिना वही किया और इस अदालत के मद्देनजर उक्त बयान पर्याप्त है शिकायतकर्ता के पूर्ववृत्त और चरित्र के बारे में उचित संदेह उठाने के लिए।
शिकायत में लगाए गए आरोपों, गवाहों की गवाही और उनके द्वारा रिकॉर्ड में लाई गई सामग्री के मद्देनजर अदालत ने कहा कि यह प्रथम दृष्टया स्पष्ट है कि स्वामी के खिलाफ आरोपी के रूप में सम्मन करने के लिए पर्याप्त आधार है।