दिल्ली में ऑनलाइन परीक्षा के लिए अभिभावकों का प्रदर्शन
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दिल्ली के तीस हजार स्थित एक नामी स्कूल में 11वीं की एक छात्रा कोरोना संक्रमित हो गई है। छात्रा की रिपोर्ट के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया है। छात्रा के अलावा 15-20 छात्रों केकोरोना संक्रमित होने की सूचना है।
हालांकि इन छात्रों की रिपोर्ट ना होने के कारण इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। छात्रा के कोरोना संक्रमित होने की खबर केबाद अन्य छात्रों के अभिभावक सकते में हैं। उन्हें अपने बच्चों के संक्रमित होने का डर सता रहा है।
सोमवार को अभिभावकों ने स्कूल केबाहर एकत्र होकर ऑनलाइन परीक्षा को लेकर विरोध जताया। मामले को बढ़ता देख स्कूल प्रशासन ने इस सप्ताह नौवीं व ग्यारवीं के बच्चों की छुट्टी कर दी है। प्रशासन ने बच्चों को अगले सोमवार कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट के साथ आने को कहा है। उल्लेखनीय है कि स्कूल में 08 मार्च से नौवीं व ग्यारवीं के लिए ऑफलाइन परीक्षाएं शुरु हो रही हैं।
स्कूल केबाहर हुए प्रदर्शन में शामिल एक अभिभावक ने आरोप लगाया कि स्कूल में और बच्चों को भी कोरोना हुआ है। लेकिन स्कूल मामले को दबा रहा है। वह अपने बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं चाहते हैं। उनकी मांग है कि कोविड-19 के दौर में बच्चों के ऑनलाइन एग्जाम होने चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान तीन अभिभावक ऑनलाइन परीक्षा कराए जाने की मांग को लेकर प्रिंसिपल से मिलने भी गए थे। स्कूल ने उनकी मांग को अनसुना कर दिया। स्कूल बच्चों की जान को खतरे में डालकर ऑफलाइन परीक्षा कराने पर अड़ा हुआ है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल में एंट्री को छोड़कर कहीं चेकिंग नहीं होती।
सामाजिक दूरी का पालन स्कूल में नहीं होता है। एक अन्य अभिभावक का कहना है कि शनिवार को ही कोरोना पॉजिटिव स्कूल प्रशासन को दी गई थी। एक बच्चे के कारण अन्य बच्चों के संक्रमित होने का डर है। अभिभावक स्कूल पर मामले को दबाने का आरोप लगा रहे हैं। स्कूल से इस मामले पर बात करने का प्रयास किया गया लेकिन अब तक संपर्क नहीं हो पाया है।
स्कूलों को बंद कर, ऑनलाइन परीक्षा कराई जाए
दिल्ली पैरेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष अपराजिता गौतम कहती हैं कि 25 फरवरी को मुख्यमंत्री व उपराज्यपाल को पत्र लिखकर 9वीं और 11वीं कक्षा के बच्चों की ऑनलाइन परीक्षा कराए जाने की अपील की गई थी। हमने चेताया था कि स्कूलों में बच्चों के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी लगातार आ रही है।
लेकिन उस समय हमारे पास सबूत नहीं थे। आज जब हमे सबूत मिले हैं तो उसके आधार पर हमारी मांग है कि दिल्ली के सभी स्कूलों को बंद कर बिना देरी किए तुरंत ऑनलाइन एग्जाम की घोषणा कर दी जाए। उन्होंने कहा कि लगातार अभिभावकों की ओर से शिकायत मिल रही है कि बच्चों को स्कूल से निकालने की धमकी देकर चुप करवाया जा रहा है। साथ ही उन स्कूलों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए जो कि बच्चों के संक्रमित होने की खबर को छुपा रहे हैं।
नौवीं व ग्यारवीं के लिए पांच फरवरी से खुले हैं स्कूल
दिल्ली में नौवीं व ग्यारवीं के बच्चों के लिए पांच फरवरी से स्कूल खोलने की अनुमति दी गई है। परीक्षाओं व प्रैक्टिकल की तैयारियों के लिए स्कूलों को खोला गया है। स्कूलों को कहा गया है कि उन्हें कोरोना सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करना होगा।