फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऑपरेशन चक्र में बड़ी कामयाबी: दिल्ली पुलिस ने 72 घंटे में 11 चोर दबोचे, सुनसान जगहों पर खड़े 76 वाहन बरामद

Sat, 18 Jul 2026 05:44 PM IST
Rahul Kumar Tiwari अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

बाहरी जिला पुलिस ने ऑपरेशन चक्र के तहत 72 घंटे की कार्रवाई में तीन नाबालिग समेत 11 वाहन चोरों को पकड़ा है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर 76 चोरी के वाहन बरामद किए, जिनमें 75 दोपहिया और एक चारपहिया वाहन शामिल हैं।
 
विज्ञापन
दिल्ली में वाहन चोरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बाहरी जिला पुलिस ने वारदात को अंजाम देने के लिए वाहनों की चोरी करने वालों के खिलाफ ऑपरेशन चक्र के तहत कार्रवाई की। 72 घंटे चले अभियान में पुलिस ने 11 वाहन चोरों को पकड़ा है, जिसमें तीन नाबालिग हैं। 

विज्ञापन




पुलिस ने इनके निशानदेही पर पार्किंग और सुनसान जगहों पर खड़े 76 वाहन बरामद किए हैं। जिसमें 75 दो पहिया और एक चार पहिया वाहन शामिल है। जिला पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि झपटमारी और लूटपाट की वारदात को अंजाम देने के लिए वाहन चोरी करने वालों के खिलाफ बाहरी जिला पुलिस ने 72 घंटे का ऑपरेशन चक्र चलाया। निरीक्षक विक्रम के नेतृत्व वाहन चोरी निरोधक शाखा सहित सभी पुलिस स्टेशनों और विशेष यूनिट के सदस्य शामिल हुए। 
विज्ञापन


इस अभियान के तहत पुलिस ने छापेमारी, तकनीकी निगरानी, खुुफिया जानकारी, सघन जांच के जरिए, चोरी हुए वाहनों का पता लगाने, वाहन चोरों और चोरी का सामान खरीदने वालों को पकड़ने और वाहन चोरी के संगठित नेटवर्क को तोड़ने में जुट गई। 72 घंटों में पुलिस ने 11 वाहन चोरों चंदर विहार निवासी रोहित, करण, सनप्रीत, जगजीत, उत्तम नगर निवासी शिवा, नईम, जिशान, कराला निवासी अभिषेक मोटा और तीन नाबालिगों को पकड़ा। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से 23 वाहन जबकि सोसायटियों और रिहायशी इलाकों से लावारिस हालत में छोड़े गए चोरी के 42 वाहनों को बरामद किया। पार्किंग क्लस्टर से चोरी के 11 वाहन बरामद किए।

विज्ञापन

इस तरह से पुलिस ने की कार्रवाई
  • वाहन चोरी के हॉटस्पॉट की खुफिया जानकारी के आधार पर मैपिंग।
  • संदिग्ध वाहनों की आवाजाही की तकनीकी निगरानी और नजर रखना।
  • लावारिस वाहनों और संदिग्ध पार्किंग क्लस्टर की जांच-पड़ताल।
  • आदतन वाहन चोरों और चोरी का सामान लेने वालों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी।
  • संवेदनशील रास्तों पर पिकेट और मोबाइल पेट्रोलिंग बढ़ाकर।
  • तुरंत कार्रवाई योग्य जानकारी के लिए स्थानीय खुफिया जानकारी और मुखबिर नेटवर्क का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर।
  • तेज और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पुलिस स्टेशनों, वाहन चोरी निरोधक शाखा और अन्य विशेष ऑपरेशन यूनिट के बीच करीबी तालमेल।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें