उन्होंने बताया कि नेजल वैक्सीन के परीक्षण का मकसद लोगों के लिए बूस्टर खुराक के रूप में एक आसान और सरल प्रक्रिया वाली वैक्सीन उपलब्ध कराना है। इसमें सुई की आवश्यकता नहीं होती है और नाक के जरिए ड्रॉप को थोड़ा दबाने से ही वैक्सीन हासिल की जा सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि अगले एक महीने में यह परीक्षण पूरा हो सकता है जिसके बाद परिणाम सार्वजनिक किए जा सकते हैं।
नाम नहीं किए सार्वजनिक
एक सवाल पर डॉ. संजय राय ने बताया कि परीक्षण में शामिल लोगों की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है लेकिन जब से लोगों को इसके बारे में पता चला है तब से उनके यहां लगातार फोन कॉल पहुंच रही हैं। हालांकि एम्स में परीक्षण के पहले से तय नियमानुसार प्रक्रिया शुरू हुई है।