आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आजादपुर मंडी में 25 दुकानें सील की गई हैं और 43 लोगों को अभी तक क्वारंटीन किया गया है। उधर, मंडी के सदस्य अनिल मल्होत्रा ने मेडिकल कैंप लगाए जाने की सराहना की है।
उन्होंने यह भी कहा है कि ओखला मंडी को तो वायरस के संक्रमण की वजह से बंद कर दिया गया है, लेकिन आजादपुर मंडी के व्यापारियों को क्यों संक्रमित होने के लिए छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बताया गया है कि मंडी में 27 लोग संक्रमण का शिकार हुए हैं, एक की मौत भी हो गई है।
जांच के लिए टोकन मिलना चाहिए
व्यापारियों ने आजादपुर मंडी के सचिव तनवीर अहमद की मेडिकल कैंप लगवाने के लिए सराहना की है। व्यापारियों ने अहमद से मांग की है कि एक हेल्पलाइन नंबर जारी करवाएं। हर व्यक्ति को टोकन नंबर देकर उसकी मेडिकल जांच करवाई जाए।
मंडी में आवक
आजादपुर मंडी में शुक्रवार को सब्जियों और फल मिलाकर 5760 टन आवक रही। बृहस्पतिवार को आवक करीब 6 हजार टन दर्ज की गई थी। लॉकडाउन के बाद से मंडी में आवक लगभग 7000 से 8000 तक दर्ज की जा रही थी। मंडी के चेयरमैन के अनुसार, वर्तमान में मांग के अनुपात में सब्जियां और फलों की उपलब्धता में कोई कमी नहीं है। थोक भाव में दाम सामान्य रहे हैं। किसी तरह की कोई बढ़ोतरी नहीं दर्ज की गई है।