दिल्ली के 1729 निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले की रेस बुधवार को शुरु हो गई है। इस रेस में अभिभावकों का बेहतर प्रदर्शन व राष्ट्रीय पुरस्कार बच्चों को दाखिले में लाभ दिलाएगा। कई स्कूलों ने अभिभावकों केसमाज में किए उल्लेखनीय योगदान, राष्ट्रीय पुरस्कार, खेल, संगीत में बेहतर प्रदर्शन, कला और शिल्प को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे काम, गोद लिए बच्चे को अपने दाखिला मानकों में शामिल किया है।
हौजखास स्थित जनरल राज स्कूल ने दाखिले के लिए 100 अंकों केफॉर्मूले में 10 अंक ऐसे खेल व संगीत में अभिभावकों के राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए तय किए है। इस तरह से इन क्षेत्रों में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर चुकेअभिभावकों को दाखिले में फायदा होगा।
वहीं यदि किसी अभिभावक ग्रामीण विकास, कला व शिल्प, व खेल में कोई ट्रेक रिकॉर्ड है तो सरदार पटेल विद्या निकेतन स्कूल में ऐसे अभिभावकों को 25 अंक दिए जा रहे हैं। नेबरहुड(पड़ोस) के मानक क 25 अंकों केबाद यही मानक सबसे ज्यादा अंक वाला है। जबकि स्कूल पांच अंक गोद लिए बच्चे के लिए भी दे रहा है।
राजेंद्र नगर स्थित जी.डी सालवान स्कूल की बात करें तो यहां 10 अंक ऐसे अभिभावकों के लिए रखे गए हैं जिन्होंने समाज में कोई योगदान दिया है। जबकि अभिभावकों केट्रेक रिकॉर्ड के लिए स्कूल ने 15 अंक तय किए हैं।
सालवान पब्लिक स्कूल ने भी पांच साल से किए जा रहे सामाजिक योगदान के लिए 10 अंक, व शोध में किए जा रहे काम के लिए 15 अंक दिए गए हैं। इस तरह से देखें तो अभिभावकों की पहचान बच्चों का स्कूलों में दाखिला पक्का कर सकती है। स्कूलों का इस तरह के मानकों को शामिल करने का मकसद एक ही छत के नीचे अलग-अलग परिवेश से संबंधित बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने का अवसर देना और अभिभावकों के समाज के लिए किए गए योगदान से बच्चों को प्रेरित करना है।