दिल्ली में अब तक मंकीपॉक्स संक्रमित मिले मरीजों को लेकर वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है कि इनमें से कोई भी व्यक्ति संक्रमित होने से पहले विदेश यात्रा पर नहीं था। इतना ही नहीं, मंकीपॉक्स संक्रमण के प्रसार को लेकर समलैंगिकों के बीच यौन संबंधों को एक मुख्य कारण माना जा रहा है लेकिन दिल्ली के सभी मरीजों ने संक्रमित होने से करीब महीने भर पहले तक समलैंगिक संबंध से साफ इन्कार किया है।
निगरानी की आवश्यकता
नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के वरिष्ठ डॉ. ललित धर ने कहा, ‘यह भी मुमकिन है कि समुदाय में बगैर ट्रैवल हिस्ट्री वाले भी मंकीपॉक्स संक्रमित मिल सकते हैं। इसके लिए समलैंगिक यौन संबंध भी वजह नहीं है। इसलिए हमें निगरानी की आवश्यकता है।
तौर तरीके सीखना जरूरी
मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के डॉ. बीएल साहू ने कहा, ‘मरीजों से बातचीत के बाद समझ आया है कि जनता के साथ स्वास्थ्य कर्मियों में भी संक्रमण को लेकर जागरूकता की आवश्यकता है। इस बीमारी के नए नए लक्षण, दुष्प्रभाव और उपचार के अलावा खुद का बचाव करने के तौर तरीके सीखना बहुत जरूरी है।
बफर जोन बनाने से नियंत्रण में होगा संक्रमण
डॉ. प्रिया अब्राहम ने कहा, ‘हमें जल्द से जल्द मंकीपॉक्स के अलावा उनके आसपास के लोगों की निगरानी रखना भी करनी चाहिए। साथ ही एक बफर जोन बनाते हुए वहां मौजूद किसी भी संदिग्ध रोगी को निगरानी से बाहर नहीं रखना है। ऐसा करने से संक्रमण स्रोत हमारे नियंत्रण में रहेगा।