फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली का हाल : बेड के इंतजार में दो मरीजों ने एंबुलेंस में तोड़ा दम, तीमारदारों से मिले मंत्री

Sun, 18 Apr 2021 04:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

  • दिल्ली के लोकनायक अस्पताल का मामला
  • एंबुलेंस की लंबी कतारों के बीच इमरजेंसी के बाहर चीख पुकार की वीडियो हुईं वायरल
विज्ञापन
बदहाल मरीज, बेहाल तीमारदार... - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना वायरस की नई लहर से हालात बदतर हो गए हैं। एक दिन में हजारों लोगों के संक्रमित होने की वजह से अस्पतालों में बिस्तरों का संकट हो गया है। शनिवार देर रात लोकनायक अस्पताल के आपातकालीन विभाग के बाहर दो मरीजों ने एंबुलेंस में दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि वे आधा घंटे से एंबुलेंस में भर्ती होने का इंतजार कर रहे थे। बेड नहीं होने की वजह से उनके मरीज को दाखिल नहीं किया गया। इस वजह से मरीज की मौत हो गई। उधर, सोशल मीडिया पर देर रात कई वीडियो अस्पताल से वायरल हुए, जिसके बाद आनन-फानन में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। स्वास्थ्य मंत्री ने आपातकालीन विभाग के बाहर तीमारदारों से बातचीत की। साथ ही अस्पताल में उनके मरीजों को भर्ती कराने का आदेश दिया। 

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार लोकनायक अस्पताल के आपातकालीन विभाग के बाहर रात 12 बजे एंबुलेंस की लंबी कतारें और परिजनों की पीड़ा को लेकर सोशल मीडिया पर कई वायरल वीडियो सामने आए। इनमें से एक वीडियो में मरीज यूनुस अस्पताल के बाहर लेटा था। उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद ऑक्सीजन की मात्रा कम होने लगी तो उन्होंने स्टाफ से कहा लेकिन दो घंटे तक उनकी सुनवाई नहीं हुई तो हालत बिगड़ने लगी और उन्हें अस्पताल से बाहर आना पड़ा। इसकी जानकारी तीमारदारों को लगने के बाद एक मेडिकल स्टोर से ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदकर मरीज को लगाया गया लेकिन काफी देर तक अस्पताल के बाहर रहने के बाद भी ध्यान नहीं दिया गया जिसके चलते मरीज को उनके परिजन नोएडा स्थित कैलाश अस्पताल लेकर रवाना हुए। 

वहीं हर्ष विहार निवासी सुनीता ने बताया कि वे अपने पति को लेकर दो दिन से अस्पतालों के चक्कर लगा रही हैं। शुक्रवार को जीटीबी में उनके पति को भर्ती नहीं किया गया। बाद में कहा कि इन्हें होम आइसोलेशन में ही रखो। शनिवार को हालत खराब होने पर एंबुलेंस के जरिये वे लोकनायक अस्पताल पहुंचीं। रात 9 बजकर 15 मिनट पर अस्पताल पहुंचीं लेकिन बिस्तर खाली न होने का हवाला देते हुए उन्हें एंबुलेंस में ही इंतजार करने के लिए कहा गया लेकिन रात 10 बजकर 40 मिनट पर उनके पति ने दम तोड़ दिया। उधर गीता कॉलोनी से कोरोना संक्रमित मरीज जुवैद भी अस्पताल पहुंचे। उनके भाई मोहम्मद असलम का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती न होने की वजह से उनके भाई ने भी दम तोड़ दिया। 
विज्ञापन


अपने ही अस्पताल में डॉक्टर को नहीं मिला बेड
आरएमएल अस्पताल के डॉ. मनीष जांगड़ा कोरोना संक्रमित हैं। शनिवार को उनकी हालत बिगड़ने पर ऑक्सीजन की तत्काल आवश्यकता पड़ी। इस दौरान आरएमएल में उन्हें बेड नहीं मिल सका। इसके चलते उन्हें अपने दोस्तों की मदद से घर पर ही चिकित्सा लेनी पड़ी। डॉ. जांगड़ा ने एक वीडियो के जरिये अपनी पूरी व्यथा सोशल मीडिया पर पोस्ट की। डॉ. जांगड़ा ने बताया कि बीते बुधवार को वह संक्रमित पाए गए थे। वे अपने घर पर ही क्वारंटीन रहे लेकिन चार दिन बाद उनकी हालत अचानक से बिगड़ने लगी। उनके परिजनों ने अस्पताल में फोन करके मदद मांगी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उनके डॉक्टर मित्रों को जब पता चला तो उन्होंने सहायता करते हुए अस्थायी तौर पर उपचार किया। 

पेनिक होने की जरूरत नहीं : स्वास्थ्य मंत्री
देर रात अस्पताल में निरीक्षण करने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि दिल्ली के सबसे बड़े कोविड विशेष अस्पताल लोकनायक में रात को दौरा करते हुए तीमारदारों से मुलाकात की। इस दौरान तीमारदारों से अपील की गई कि होम आइसोलेशन में रहकर भी बेहतर उपचार लिया जा सकता है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल प्रबंधन के अधिकारियों को भीड़ प्रबंधन के निर्देश भी दिए हैं। मंत्री जैन का कहना है कि इस वक्त हर किसी के सहयोग की आवश्यकता है।

जिन मरीजों को लक्षण नहीं है या फिर उन्हें संक्रमित होने के बाद थोड़ी बहुत दिक्कत हो रही है तो ऐसे मरीज घर पर होम आइसोलेशन में रहकर भी उपचार ले सकते हैं। हालांकि अस्पताल के बाहर बिस्तर न मिलने से दो मरीजों की मौत होने के आरोपों को लेकर जानकारी नहीं मिली। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार ने भी देर रात कोई जानकारी नहीं दी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें