आंबेडकर नगर इलाके में मंगलवार रात मीट कारोबारी दलीप उर्फ कृणाल की ताबड़तोड़ 23 गोलियां मारकर दुस्साहसिक तरीके से हत्या कर दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कातिलों ने तब तक कृणाल पर गोलियां चलाईं, जब तक उन्हें उसकी मौत का पूरी तरह इत्मीनान नहीं हो गया। इसके बाद वे कृणाल के प्रतिद्वंद्वी अमित मद्रासी का नाम लेकर फरार हो गए। अंधाधुंध फायरिंग से पूरा इलाका दहल उठा और लोग घरों से निकल आए थे। आंबेडकर नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि कृणाल परिवार के साथ मदनगीर में रहता था। उसकी तीन वर्ष पहले शादी हुई थी। वह एच-ब्लाक, दक्षिणपुरी इलाके में मीट की दुकान चलाता था। मंगलवार रात करीब 11:20 बजे वह दुकान बंद कर बाहर खड़ा था और घर जाने की तैयारी कर रहा था। तभी बाइक पर दो बदमाश आए और कृणाल के सामने रुके। बदमाशों ने हथियार निकालकर कृणाल पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। उसकी मौत के बाद वे हथियार लहराते हुए फरार हो गए। परिजनों ने बताया कि कृणाल को 23 गोलियां मारी गईं।
उधर, परिजन कृणाल को बत्रा अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बत्रा अस्पताल से रात करीब पौने एक बजे आंबेडकर नगर थाना पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पुलिस को पता लगा कि बदमाश स्कूटी व एक बाइक पर आए थे। शुरुआती जांच के बाद पुलिस का कहना है कि वारदात रंजिश में हुई।
दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि कृणाल आपराधिक प्रवृति का था। उसके खिलाफ चोट पहुंचाने, हत्या व रॉबरी के सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह भी माना जा रहा है कि हत्या गैंगवार का नतीजा है। गैंगवार में रवि गंगवाल गिरोह पर संदेह जताया जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद कृणाल का शव परिजनों को सौंप दिया गया था।
गोलियों की आवाज से मंगलवार रात दक्षिणपुरी इलाका दहल उठा। गोलियां की तड़तड़ाहट इतनी तेज थी कि लोगों को लगा कि कोई पटाखे चला रहा है। वे घरों से बाहर निकल आए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि बदमाशों ने करीब पांच मिनट तक फायरिंग की। इस दौरान काफी लोग अपने घरों की छतों पर चढ़ गए थे।
कृणाल की शादी तीन वर्ष पहले शालू से हुई थी। कृणाल की हत्या के बाद से शालू और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शालू ने बताया कि वह शाम साढ़े छह बजे घर से गए थे। उसने रायते के लिए बूंदी लाने को कहा था। अभी लाने की बात कहकर वे दुकान पर चले गए। शालू का कहना है कि उसके पति की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। शालू ने बत्रा अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने का आरोप भी लगाया है।