एनसीआर में लोकल ट्रेन चलाने के लिए रेलवे ने कमर कसना शुरू कर दी है। लेकिन रेलवे के लिए ट्रेन में भीड़ नियंत्रण करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। कोविड काल में भीड़ नियंत्रण कैसे किया जाए इसे लेकर प्रशासनिक अधिकारी मशक्त में जुटे है। ट्रेन की क्षमता से अधिक टिकट नहीं जारी करने को लेकर रेलवे अधिकारी विचार कर रहे है।
यात्रियों की समस्या को ध्यान में रख रेलवे ने डेढ़ सौ किलोमीटर के भीतर चलने वाली ट्रेनों को 22 फरवरी से चलाने का निर्णय लिया है। लेकिन कोरोना के संक्रमण को ध्यान में रख ही ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा। लोकल ट्रेन में भीड़ नियंत्रण के लिए जारी होने वाले टिकट की लगातार निगरानी की जाएगी। क्षमता से अधिक टिकट की बिक्री पर रोक भी लग सकती है। साथ ही प्लेटफार्म टिकट भी फिलहाल नहीं दिए जाएंगे।
टिकट की बिक्री की लगातार होगी निगरानी
लोकल ट्रेन की बिक्री पर लगातार रेलवे की निगाहें रहेंगी। ट्रेन की टाइमिंग के अनुसार ही टिकट काउंटर से यात्रा टिकट जारी किए जाएंगे। अत्याधिक भीड़ किसी एक ट्रेन में नहीं हो इसका ख्याल रखा जाएगा। ट्रेन जिस भी स्टॉपेज पर रुकेगी वहां एक जगह लोग भारी तादाद में इकट्ठा नहीं हों इसके लिए रेलवे पुलिस भी निगरानी रखेगी।
प्लेटफार्म टिकट की फिलहाल बिक्री पर पाबंदी रहेगी
भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रख रेलवे ने प्लेटफार्म टिकट पर पाबंदी बरकरार रखने का निर्णय लिया है। सिर्फ अनारक्षित टिकट ही टिकट काउंटर से जारी किया जाएगा। टिकट काउंटर पर भी भीड़ अत्याधिक जमा नहीं हो इसपर नजर रखी जाएगी। स्टेशन पर मार्शल भी तैनात किया जाएगा।
डेढ़ सौ किलोमीटर के रेंज में ही चलेंगी लोकल ट्रेन
22 फरवरी से चलने वाली ट्रेनों में ज्यादातर ट्रेन डेढ़ सौ किलोमीटर की दूरी तय करने वाली ही होंगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार एनसीआर के यात्रियों की मांग को ध्यान में रख लोकल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। कामकाजी लोगों को इन ट्रेनों के चलने से काफी राहत होगी।
भीड़ नियंत्रण पर ध्यान दिया जाएगा। टिकट जारी होने की मॉनीटरिंग की जाएगी। प्लेटफार्म पर भीड़ नहीं बढ़े इसका ध्यान रखा जाएगा। प्लेटफार्म टिकट की बिक्री नहीं की जाएगी। पहले चरण में डेढ़ सौ किलोमीटर दूरी तय करने वाली ट्रेन ही चलाई जाएगी।
दीपक कुमार, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी उत्तर रेलवे