कोरोना महामारी की चौथी लहर का सामना कर रही दिल्ली में ऑक्सीजन संकट से थोड़ी राहत मिली है। अस्पतालों में ऑक्सीजन को लेकर हालात सुधरे हैं, लेकिन घरों में संक्रमित मरीजों को अभी भी इसके लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। स्थिति यह है कि दिल्ली में कहीं भी नए सिलिंडर लोगों को नहीं मिल पा रहे हैं, जिसकी वजह से नए मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली में हर दिन 700 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन की मांग है। अस्पतालों पर भार बढ़ने की वजह से हर दिन ऑक्सीजन संकट को लेकर सोशल मीडिया तक पर अस्पताल अपील कर रहे थे, लेकिन बीते दो दिन में ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति होने पर हालात सुधरे हैं। शुक्रवार को एक भी बड़े अस्पताल ने ऑक्सीजन खत्म होने या कम होने की शिकायत नहीं की है।
अस्पतालों के अनुसार, कुछ जगहों पर ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित हो चुके हैं, जबकि अन्य अस्पतालों में टैंकर पर्याप्त ऑक्सीजन लेकर पहुंच रहे हैं। यह स्थिति तब है जब बीते बुधवार तक दिल्ली में हर दिन 300 से ज्यादा कॉल एसओएस टीम के पास पहुंच रही थीं। हालांकि, अस्पतालों का भले ही संकट कम हो गया हो, लेकिन 50 हजार से ज्यादा मरीजों को अभी भी दिक्कतें हैं। ये मरीज अपने अपने घरों में आइसोलेशन में हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, करीब 20 हजार मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत है। इनके अलावा नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम से भी तीमारदार दिल्ली आकर ऑक्सीजन रिफिलिंग कराने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में दिल्ली वालों के लिए और भी ज्यादा मुसीबत बना हुआ है।
जनकपुरी निवासी सविता सिंह ने बताया कि उनकी 70 वर्षीय सास महेश्वरी देवी दो दिन पहले संक्रमित हुई थीं। उनका ऑक्सीजन लेवल 70 के आसपास है। उनके घर में सिलिंडर भी नहीं है। ऐसे में उन्हें दो दिन से ऑक्सीजन कैन खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है, क्योंकि अस्पतालों में भी बिस्तर नहीं है। एक ऑक्सीजन कैन के लिए उन्हें 1200 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
बनाए जा रहे ऑक्सीजन रिजर्व, आपातकाल में मिलेगी मदद
राघव चड्ढा ने बताया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर दिल्ली में ऑक्सीजन रिजर्व बनाए जा रहे हैं। इनसे आपातकालीन हालात में अस्पतालों को ऑक्सीजन आपूर्ति की जाएगी। जब किसी अस्पताल तक ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं पहुंच पाएगी तो दिल्ली सरकार रिजर्व स्टॉक से ऑक्सीजन पहुंचाएगी। दिल्ली में कई जगहों पर ऑक्सीजन रिस्पांस प्वाइंट बनाए जाएंगे। राघव चड्ढा के मुताबिक, दिल्ली को ऑक्सीजन की कुल जरूरत 976 मीट्रिक टन की है, जबकि 6 मई को सिर्फ 577 मीट्रिक टन ऑक्सीजन ही मिली है।
केंद्र सरकार ने दिल्ली को कुल मांग की 59 फीसदी ऑक्सीजन दी है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की फटकार के बाद 5 मई को केंद्र सरकार ने 730 मीट्रिक टन ऑक्सीजन दी, लेकिन अगले ही दिन 153 मीट्रिक टन ऑक्सीजन कम दी। राघव चड्ढा ने मांग की है कि पांच मई की तरह रोजाना 730 टन से अधिक ऑक्सीजन उपलब्ध कराएं। ऑक्सीजन में गिरावट का असर दिल्ली के अस्पतालों पर पड़ सकता है।