राममनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज करवा रही दुष्कर्म पीड़ित बच्ची की हालत में मामूली सुधार है। उसे शनिवार रात गहन चिकित्सा कक्ष से वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है, लेकिन बच्ची आज भी अपने साथ हुई घटना से काफी सहमी हुई है। वह बार बार अपनी मां को पकड़कर सुबकने लगती है। अपनी बेटी की हालत देखकर 11 माह की अपनी छोटी बेटी को गोद में लिए मां भी अपने आप को किसी तरह से संभाल पाती है।
बच्ची के पिता ने बताया कि बच्ची को शनिवार रात वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है लेकिन दर्द की वजह से बच्ची अब भी परेशान है। 24 घंटे से बच्ची की मां उसके साथ मौजूद है और बच्ची को रोता देख वह बार बार डॉक्टर और नर्स के पास दौड़ जाती है। डॉक्टर और नर्स उसे दिलासा देते हैं कि सब कुछ ठीक हो जाएगा। उसने बताया कि घटना के बाद से बच्ची ने कुछ भी खाया नहीं था, रविवार को बच्ची ने हल्का खाना खाया है।
पिता के मुताबिक बच्ची के इलाज में कोई कोताही न हो या फिर सुरक्षा को लेकर कोई दिक्कत पेश न आए इसके लिए दिल्ली पुलिस की ओर से 24 घंटा एक महिला सिपाही को अस्पताल में तैनात किया गया है। जो हर संभव उनकी मदद कर रही है। उसने बताया कि अपनी बेटी के साथ हुई घटना के बाद से पत्नी और छोटी बच्ची के साथ वह लगातार अस्पताल में ही मौजूद है। वह रोज मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। अस्पताल में होने की वजह से पैसे की दिक्कत भी है। अब वह अपने परिचितों से कुछ उधार लेकर काम चला रहा है।