आंदोलनकारी किसानों के समर्थक न केवल किसान गणतंत्र परेड(ट्रैक्टर)की तैयारी में जुटे हैं, बल्कि प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है। गणतंत्र दिवस पर परेड से पहले स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित कर मुस्तैद रहने को कहा गया है ताकि इस दौरान पूरी तरह शांति व्यवस्था बनी रहे।
आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश करने वालों पर भी शिकंजा कसने और एक दूसरे से संपर्क में बने रहने के लिए वॉलेंटियर वॉकी टॉकी से लैस होंगे। टीकरी बॉर्डर पर 1000 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण के बाद शनिवार को उन्हें अभ्यास करवाया गया।
उधर, सिंघु सहित दूसरे बॉर्डर पर आंदोलन स्थल पर पहुंचने वाले संदिग्धों पर नजर रखने और परेड में तैनाती की गई है। आंदोलन स्थल पर सुरक्षा के लिए तैनात वॉलेंटियर के पास लाठी और वॉकी टॉकी भी है ताकि एक दूसरे से लगातार संपर्क में बने रहें।
प्रदर्शन स्थल पर मुख्य मंच के पास पहुंचने वालों की गतिविधियां अगर थोड़ी भी संदिग्ध लगने पर छानबीन के बाद ही उन्हें आगे बढ़ने दिया जाता है। सुरक्षा में मुस्तैद स्वयंसेवकों के हाथों में लाठियां और वॉकी टॉकी के साथ साथ मुस्तैद हैं।
बीच बीच में खासकर रात के वक्त आंदोलन स्थल पर वाहनों पर युवाओं का समूह आंदोलन स्थल पर गश्त भी कर रहा ताकि किसी भी संदिग्ध को असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त होने से रोका जा सके।
टीकरी बॉर्डर पर शनिवार को 1000 वॉलेंटियर को खास तौर पर 26 जनवरी पर तैनात करने के लिए प्रशिक्षित किया गया। उन्हें इस दौरान सिखाया गया कि परेड के दौरान कैसे शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए सभी गतिविधियों पर नजर रखनी है।
100-100 मीटर पर तैनात होंगे वॉलंटियर
अंकुर ने बताया कि आपसी संपर्क के लिए वॉलेटियर वॉकी टॉकी से लैस होंगे। 100 मीटर के अंतराल पर एक-एक वॉलेंटियर तैनात होंगे यानि करीब 100 किलोमीटर के दायरे में वॉलेटियर एक दूसरे से लगातार संपर्क में बने रहेंगे। इस दौरान वॉकी टॉकी के जरिये इसलिए संपर्क में रहेंगे ताकि अगर मोबाइल नेटवर्क में किसी तरह की तकनीकी बाधा भी आती है तो सुरक्षा और आंदोलन किसी तरह प्रभावित न हो सके।