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दिल्ली : कोरोना संक्रमित होने के 40 दिन बाद भी रिपोर्ट आ रही है पॉजिटिव

Mon, 07 Jun 2021 05:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

  • एम्स में कुछ भर्ती मरीजों को हो रही यह दिक्कत
  • दूसरे अस्पताल में इलाज के बाद एम्स आए रोगियों में भी दिख रही परेशानी
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एम्स दिल्ली - फोटो : फाइल
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विस्तार
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राजधानी में मरीजों कि कोरोना संक्रमित होने के 40 दिन बाद भी  रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। इनमें से कुछ रोगी एम्स में भर्ती हैं। वहीं, कुछ ऐसे भी हैं, जिन्हें लक्षण न होने के बाद दिल्ली के अलग- अलग अस्पतालों से छुट्टी मिल गई थी, लेकिन संक्रमित होने के 40 दिन बाद वह इलाज के लिए एम्स का रुख कर रहे हैं।

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एम्स के  डॉक्टर युद्धवीर सिंह बताते हैं कि कोविड संक्रमितों के इलाज के दौरान ऐसे कुछ मामले सामने आ रहे हैं , जहां  40 दिन बाद भी मरीजों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इनमें उन मरीजों की संख्या अधिक है जो कैंसर या अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। इसके अलावा होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे लोगों कि रिपोर्ट भी दोबारा पॉजिटिव आ रही है।  ऐसा वायरल लोड या फिर डेड वायरस के कारण हो सकता है, लेकिन इसके प्रमुख कारणों पर स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता है। 

उन्होंने कहा कि कुछ मरीज ऐसे भी हैं, जिन्हें विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई थी, क्योकि उनमें संक्रमण के लक्षण खत्म हो गए थे और वह स्वस्थ हो चुके थे, और सरकार के नियमों के अनुसार ऐसे लोगों छुट्टी दी जा सकती है। लेकिन अब एक माह बीत जाने के बाद भी उन रोगियों की रिपोर्ट पॉजिटिव ही आ रही है। वह एम्स का रूख कर रहे हैं। इन मरीजों को चिंता सता रही है कि वह अभी भी कोरोना से संक्रमित हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। क्योकि पॉजिटिव रिपोर्ट आने का एक कारण डेड वायरस भी हो सकता है। 
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न घबराएं लोग...
डॉक्टर के मुताबिक, ऐसे लोगों को लगातार रिपोर्ट  पॉजिटिव आने के बाद  घबराना नहीं चाहिए। इस स्थिति में  चिकित्सकों के निर्देशों का पालन करना चाहिए।   डॉक्टर के मुताबिक, यदि किसी संक्रमित मरीज को तीन दिन से बुखार नहीं आया है या 10 दिन से कोरोना का कोई लक्षण नहीं दिख रहा है तो चिंता कि कोई बात नहीं है। क्योकि, कोविड उपचार के प्रोटोकॉल के अनुसार इस प्रकार के मरीज में संक्रमण खत्म हो जाता है और और उसको स्वस्थ माना जाता है। 

ऐसे  व्यक्ति को नॉन इंफेक्सर कहा जाता  है। यानी उससे किसी दूसरे को संक्रमण नहीं होगा। ऐसा व्यक्ति खुद को होम आइसोलेशन से बाहर करके पहले कि तरह अपने काम कर सकता है। इस श्रेणी के लोगों की कोरोना रिपोर्ट अगर दोबारा पॉजिटिव आ भी जाती है तो चिंता कि कोई बात नहीं है। 

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