राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के बाद जीटीबी अस्पताल को भी पूरी तरह कोविड विशेष बना दिया गया है। अस्पताल में कोरोना बेड की संख्या भी बढ़ाकर 1 हजार कर दी गई है। हालांकि, अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों के लिए आपातकालीन सेवाएं चालू रखी गई है। अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉक्टर आरएस रौतेला ने बताया कि पहले यहां कोविड मरीजों के लिए 500 बेड थे। शुक्रवार से इसकी संख्या बढ़ाकर एक हजार कर दिया गया है। शनिवार से यहां ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों को इलाज नहीं मिल पाएगा।
सिर्फ गंभीर मरीजों के लिए आपातकालीन सेवाएं ही चालू रहेगी। वहीं,अस्पताल में सभी प्रस्तावित सर्जरी भी टाल दी गई है। अगर कोविड मरीजों की संख्या अस्पताल में इसी तरह बढ़ती रही तो अस्पताल की इमरजेंसी भी बहुत जल्द ही बंद हो जाएगी। इस अस्पताल में रोज 5000 से अधिक मरीज ओपीडी में अपना इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं।
राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉक्टर बीएल शेरवाल ने बताया की अस्पताल में अगले आदेश तक सभी गैर कोविड-19 सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है। संक्रमण के मामले बढ़ने के मद्देनजर बुधवार देर रात यह फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक अस्पताल में कोरोना के 200 मरीज भर्ती हैं। सभी मरीजों की हालत गंभीर है। इलाज के दौरान उन्हीं प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है जो पिछले साल किया गया था। डॉक्टर के मुताबिक, संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मार्च के पहले सप्ताह में उनके अस्पताल में एक भी मरीज भर्ती नहीं था, लेकिन अब एक माह में ही 200 रोगी भर्ती हुए हैं।
शेरवाल ने बताया कि अस्पताल में टीकाकरण अभियान के लिए तैनात एक नर्स और एक पुलिसकर्मी भी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं और वे घर में आइसोलेशन में हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में बेड की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है।
कोरोना से बचाव के नियमों का सख्ती से हो पालन- अनिल बैजल
उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में शुक्रवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए)की बैठक हुई। इसमें उन्होंने सार्वजनिक परिवहन और कार्यालयों में कोविड संबंधी उपयुक्त आचरण को सख्ती से लागू किए जाने पर जोर दिया। बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।
अनिल बैजल ने कहा कि दिल्ली में कोविड-19 मामलों में हाल ही में तेजी से वृद्धि को देखते हुए, कोविड से बचाव संबंधी आचरण को सख्ती से लागू किए जाना चाहिए। खासकर बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और कार्यलयों में भी।
उन्होंने कहा कि कोरोना के अधिक मामलों वाले क्षेत्रों पर ध्यान देने के साथ ही जांच, संपर्कों का पता लगाने और इलाज की रणनीतियों को मजबूती से लागू करने की सलाह दी गई है।उपराज्यपाल ने स्वास्थ्य विभाग को टीकाकरण के प्रयासों को बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने अधिकारियों को अस्पतालों में कोविड मरीजों के इलाज के लिए अधिक क्षमता और संसाधन सुनिश्चित करने के लिए भी कहा।
गंगा राम अस्पताल के चेयरमैन की मुख्यमंत्री से मुलाकात
सर गंगा राम अस्पताल के चेयरमैन डीएस. राणा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से उनके आवास पर मुलाकात की। केजरीवाल ने अस्पताल में पॉजिटिव मिले 37 डॉक्टरों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा, कोविड-19 के खिलाफ इस लड़ाई में हमारे डॉक्टर हीरो हैं। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि कोरोना से संक्रमित हुए सभी डॉक्टर जल्द से जल्द स्वस्थ हों। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की किसी भी प्रकार की मदद के लिए दिल्ली सरकार हमेशा तैयार है। चेयरमैन डीएस. राणा ने मुख्यमंत्री को बताया कि सर गंगा राम अस्पताल में जितने भी डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, उनमें से अधिकतर मैं संक्रमण के बेहद हल्के लक्षण है।