कोरोना महामारी की चौथी लहर का सामना कर रही दिल्ली की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। 13 महीने में दूसरी बार एक दिन में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। पिछले एक दिन में साढ़े आठ हजार से भी ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। इससे पहले एक दिन में सबसे ज्यादा 8593 केस 11 नवंबर 2020 को मिले थे। जाहिर है कि दिल्ली कोरोना महामारी के तीसरे पीक के काफी नजदीक पहुंच चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले एक दिन में 8521 नए केस मिले हैं, जबकि 39 लोगों की कोरोना से मौत हो गई। राहत की बात यह है कि 5032 मरीजों को स्वस्थ घोषित किया गया। विभाग ने बताया कि दिल्ली में पहली बार एक दिन में रिकॉर्ड 1.09 लाख से भी ज्यादा नमूनों की जांच हुई है। इनमें से 70 हजार जांच आरटी-पीसीआर से हुई।
एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों की बैठक में हर दिन कम से कम 70 फीसदी नमूनों की जांच आरटी-पीसीआर से करने का लक्ष्य राज्यों को दिया था ताकि संक्रमण के स्रोत का पता लगाने में कोई चूक न हो सके। बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी मौजूद थे। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के पूर्व प्रोफेसर रिजो एम जॉन का कहना है कि दिल्ली में पहला संक्रमित पिछले वर्ष 2 मार्च को मिला था। तब से अब तक दिल्ली कोरोना महामारी की चौथी लहर का सामना कर रही है जोकि बाकी राज्यों से एकदम अलग है।
11 नवंबर को दिल्ली में सबसे ज्यादा केस आए थे लेकिन उस दौरान संक्रमण दर 13.40 फीसदी थी। तब एक दिन में 64121 नमूनों की जांच हुई थी। इनमें केवल 19304 नमूनों की जांच आरटी-पीसीआर के जरिये हुई थी। इससे वर्तमान स्थिति की तुलना करें तो पिछले एक दिन में 7.79 फीसदी संक्रमण दर मिली है और आरटी-पीसीआर जांच में भी कई गुना बढ़ोतरी हुई है। संक्रमण की रोकथाम को लेकर यह आंकड़े सरकार के सटीक प्रयासों की गवाही दे रहे हैं।
शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राजधानी में अब कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 706526 हो चुकी है। इनमें 6, 68,699 स्वस्थ हुए हैं। जबकि 11196 लोगों की मौत हो चुकी है। हर दिन संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने के चलते सक्रिय मामले भी 26631 हो चुके हैं जिनमें करीब 50 फीसदी यानी 13188 मरीज अपने घरों में आइसोलेशन पर हैं। ये सभी मरीज बिना या हल्के लक्षण वाले हैं।
दिल्ली में अब तक का रिकॉर्ड
दिन 11 नवंबर 2020 मामले 8593
मौत 85
डिस्चॉर्ज 7264
संक्रमण दर 13.40 फीसदी
दिल्ली में कब कब आई कोरोना की लहर
पहली लहर : 23 जून को, सबसे ज्यादा 3947 मरीज मिले और 68 लोगों की मौत हुई थी।
दूसरी लहर: 16 सिंतबर को, क दिन में सबसे ज्यादा 4473 मरीज मिले और 33 लोगों की मौत हुई थी।
तीसरी लहर: 11 नवंबर को, 8953 संक्रमित मरीज मिले थे और 79 लोगों की मौत हुई थी।