सीबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा की अगले महीने शुरू होने जा रही बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले शिक्षकों को टीका लगाने की तैयारी है। केंद्र सरकार की हाल में हुई बैठक में बोर्ड परीक्षाओं को लेकर ऐसा प्रस्ताव आया है। इसमें कोरोना संक्रमण से छात्रों को बचाने के लिए परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों और कर्मियों को टीका देने की योजना है। हालांकि, अभी इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला होना बाकी है।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में कोरोना के बढ़ते संक्रमण और बोर्ड समेत अन्य परीक्षओं पर चर्चा हुई। बैठक में बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले शिक्षकों को वैक्सीन देने का प्रस्ताव आया था। लेकिन बैठक में कोई सहमति नहीं बन पाई थी।
सूत्रों का कहना है कि सरकार ने 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को टीका लगाने का नियम बना ही रखा है। इसी के तहत इस प्रस्ताव में सीबीएसई बोर्ड के 45 आयु वर्ग से अधिक उम्र के शिक्षकों को डाटा जुटाना भी शामिल है। इसमें पता लगाया जाएगा कि इस वर्ग के तहत कितने शिक्षकों ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन लगाई है।
इसके अलावा बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले शिक्षकों की रिपोर्ट भी बनेगी। इसमें देखा जाएगा कि कहीं शिक्षकों के चलते छात्रों को कोई दिक्कत तो नहीं होगी। डाटा एकत्र करने काएक फायदा यह भी होगा कि बाद में इन्हीं स्कूल शिक्षकों की डयूटी जेईई मेन और नीट जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में भी लगायी जा सकेगी।
छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि पर फिलहाल परीक्षा समय पर होगी:
मंत्रालय का साफ रुख है कि फिलहाल बोर्ड परीक्षा में बदलाव की कोई योजना नहीं है। कोरोना मामलों पर नजर रख रहे हैं। छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए छात्र और अभिभावक परेशान न हों। वे परीक्षा की तैयारी पर फोकस रखें। हालांकि, कोरोना हालात को देखते हुए आखिरी फैसला होगा।
शिक्षक टीका महोत्सव में शामिल हों:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से 11 से 14 अप्रैल तक टीका महोत्सव में आम लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया है। इसी के तहत एआईसीटीई, यूजीसी, आईआईटी समेत आईआईएम ने अपने सभी शिक्षकों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय केदिशा-निर्देशों के तहत वैक्सीन लगाने का आह्वान किया है। इसी के तहत कॉलेज कैंपस में वैक्सीन महोत्सव आयोजित किया जाएगा।