दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने दिल्ली मास्टर प्लान 2041 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। खास बात यह है कि पहली बार ऐसा हुआ है जब डीडीए ने पुराने मास्टर प्लान के पूरा होने से पहले नया मास्टर प्लान बना लिया है। डीडीए ने कहा है कि दिल्ली मास्टर प्लान 2021 के समाप्त होते ही मास्टर प्लान 2041 को तुरंत लागू किया जाएगा। साथ ही मास्टर प्लान 2041 में टीओडी, भूमि नीति मास्टर प्लान 2021 से सहज होंगी।
इसी महीने 23 मार्च को डीडीए के सलाहकार परिषद का पुनर्गठन किया गया और उसके सामने मास्टर प्लान 2041 को अधिसूचित किया गया। इसके बाद शुक्रवार को दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में मास्टर प्लान 2041 को लेकर सलाहकार परिषद की पहली बैठक हुई। जिसमें आम लोगों, दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के प्रतिनिधि, अधिकारी, टॉउन प्लानिंग व आर्किटेक्चर की जानकारी रखने वाले लोग, स्वास्थ्य विभाग, वाणिज्य, उद्योग और श्रम विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया।
डीडीए अधिकारियों ने उपराज्यपाल अनिल बैजल के सामने दिल्ली मास्टर प्लान 2041 का विजन प्रस्तुत किया गया। मास्टर प्लान 2041 के खास दो वॉल्यूम होंगे, जिनमें पहला एनवायरमेंट और दूसरा इकोनॉमी को निर्धारित किया गया है। इसके अलावा लॉजिस्टिकल प्लानिंग, प्लेटफॉर्म इकोनॉमी, इंफॉर्मल सेक्टर इकोनॉमी, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग को सरल बनाने पर जोर दिया गया है।
डीडीए के अनुसार 31 मार्च और 5 अप्रैल को डीडीए एडवाइजरी काउंसिल की बैठक होगी। इस बैठक में मास्टर प्लान 2021 के बचे कार्यों को जल्द पूरा करने की योजना बनेगी और कार्य योजना का अगला ड्राफ्ट अप्रैल में प्राधिकरण के सामने पेश होगा। वहीं मास्टर प्लान 2041 के लिए कानूनी प्रक्रिया डीडी एक्ट 1957 के अनुसार जनता से आपत्ति और सुझाव मांगे जाएंगे। इसके बाद इसका ड्राफ्ट प्लान 30 सितंबर तक शहरी कार्य मंत्रालय के पास भेज दिया जाएगा।
मास्टर प्लान 2041- नीतियों को आसान बनाने पर जोर
डीडीए के अनुसार दिल्ली मास्टर प्लान 2041 अबतक का सबसे बेहतर प्लान होगा। डीडीए के उपाध्यक्ष अनुराग जैन ने कहा है कि यह वर्ष 1962, 2001, 2021 में लागू मास्टर प्लान का अपडेटेड प्लान है। इसे दिल्ली के नागरिकों के लिए सहज बनाने का प्रयास किया गया है। भविष्य में टीओडी, भूमि नीति और दिल्ली मास्टर प्लान 2021 की बाकी नीतियों से इस प्लान में अधिक सहूलियतें मिलेंगी। इसके अलावा दिल्ली विकास अधिनियम की धारा 5 के अनुसार डीडीए जल्द ही एक सलाहकार परिषद का गठन करेगा, जो योजना की तैयारी और विकास के लिए हमेशा प्राधिकरण को परामर्श देगा।
अलग-अलग क्षेत्रों के विकास का खाका तैयार
दिल्ली मास्टर प्लान 2041 में पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक स्थलों, विरासत, आश्रय, गतिशीलता व सामाजिक और भौतिक संरचना के के लिए सेक्टर वाइज नीतियां बनाई गई हैं। इसमें दिल्ली के अलग-अलग भागों में विकास के लिए लैंड पूलिंग क्षेत्र, हरित विकास क्षेत्र, योजनाबद्ध और अनियोजित क्षेत्रों के पुनरुद्धार, ट्रांजिट ओरिएन्टेड विकास, युक्तिपूर्ण पुनरूद्धार के लिए खास विकास नीतियां बनाई गई हैं।
पहला दिल्ली मास्टर प्लान 1962 में लाया गया
दिल्ली के ढांचागत विकास के लिए पहला मास्टर प्लान 1962 में कानूनी दस्तावेज के रूप में बनकर तैयार हुआ था। जिसको दिल्ली की योजनाबद्ध वृद्धि और विकास को तय करने के लिए तैयार किया गया था। इसके बाद दिल्ली मास्टर प्लान 1981 और 2001 में व्यापक संशोधन किए गए।