शराब की होम डिलीवरी पर राजधानी में राजनीति गरमा गई है। दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति की विपक्ष ने कड़ी आलोचना की है। कहा कि लोगों को घरों में उपचार, दवाइयां, ऑक्सीजन और डॉक्टरी सहायता नहीं मिल रही है, लेकिन सरकार घरों तक शराब पहुंचा रही है। भाजपा ने शराब की होम डिलीवरी करने के फैसले को भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताया तो कांग्रेस ने कहा कि कोरोना की दवाई पहुंचाने की जगह केजरीवाल अब हर घर शराब पहुंचाएंगे। दिल्ली को नशे की राजधानी बना रहे हैं। विपक्ष के हमले पर बैकफुट पर आई आम आदमी पार्टी की सरकार ने कहा है कि एल-13 नीति कोई नई नहीं है। इसमें महज संशोधन किया गया है।
स्वास्थ्य और चिकित्सा व्यवस्था करते बेहतर : भाजपा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा है कि कोरोना काल में जब सरकार को लोगों के स्वास्थ्य और चिकित्सा व्यवस्था बेहतर करने का काम करना चाहिए था, तब केजरीवाल सरकार शराब माफिया के साथ मिलकर इसकी होम डिलीवरी करने की नीति बना रही थी। बेहतर होता है कि मुख्यमंत्री लोगों के अच्छे स्वास्थ्य और चिकित्सा की सेवाएं शुरू कराने का काम करते। महामारी के दौरान कालाबाजारी, ऑक्सीजन और दवाइयों के घोटाले को रोकने के लिए केजरीवाल ने कोई खास कदम नहीं उठाया, लेकिन शराब को घर-घर पहुंचाने का काम तुरंत करके दिखाया है। दूसरे राज्यों में नशा मुक्ति की बात करने वाले केजरीवाल दिल्ली में शराब बांट रहे हैं।
कोरोना की दवाई के बजाय केजरीवाल भिजवाएंगे शराब : कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने कहा है कि कोरोना की दवाई पहुंचाने की जगह केजरीवाल अब हर घर शराब पहुंचाएंगे। दिल्ली को नशे की राजधानी बना दिया है। नई एक्साइज पॉलिसी में बदलाव आपदा में अवसर की तरह है। मुख्यमंत्री ने अब कोरोना संक्रमण को दवा से नहीं शराब से हराने का फैसला लिया है। कोरोना एप में अस्पतालों में बेड दिलाने में नाकाम रही और वहीं कोविन एप द्वारा टीका भी दिलाने में फेल रही है, लेकिन अब एप के माध्यम से घर-घर शराब परोसी जाऐगी। दुनिया के विशेषज्ञ कोविड की तीसरी लहर को लेकर चिंतित हैं। मुख्यमंत्री दिल्ली में ऑनलाइन तथा मोबाइल एप के जरिए घर-घर शराब पहुंचवाएंगे।
पूरी दिल्ली को भुगतना पड़ेगा खामियाजा : भारद्वाज
कांग्रेस के पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज ने कहा कि कोविड काल में संक्रमण नियंत्रण पर पूरी तरह विफल साबित सरकार अब युवाओं को शराब परोसने की नीति तैयार की है। पूरी दिल्ली को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली सरकार की मोहल्ला क्लीनिक पर भी हमला बोला। कहा कि वायदा था 1000 से अधिक क्लीनिक खोलने का, परंतु इससे आधे भी नही खुले। कोरोना काल में अधिकतर मोहल्ला क्लीनिक बंद रहा, कूड़ा कचरा, जानवरों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया था। कांग्रेस सोशल मीडिया के चेयरमैन राहुल शर्मा की टीम ने इन क्लीनिकों की सच्चाई को उजागर किया।